प्राइवेट कॉलेज में 2 साल तक फर्जीवाड़ा

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बांसवाड़ा में गांगड़ तलाई स्थित मां शारदे कॉलेज को आयुक्तालय ने साइंस फैकल्टी संचालन के लिए NOC (अनापत्ति प्रमाण-पत्र) जारी नहीं की। देरी देख निजी कॉलेज ने खुद के स्तर पर फर्जी NOC बना ली। इसके बाद NOC को जीजीटीयू (गोविंद गुरु ट्राइबल यूनिवर्सिटी) में पेश कर साइंस फैकल्टी चलाने की अनुमति भी ले ली। करीब दो साल तक BSC के नाम पर स्टूडेंट को अंधेरे में रखकर दाखिले भी दिए गए। तीसरे साल में आयुक्तालय ने फर्जीवाड़े की सूचना जीजीटीयू को दी। तब जीजीटीयू हरकत में आया और कॉलेज में BSC पाठ्यक्रम के संचालन पर रोक लगाई।

करा दिया। इन बच्चों को भी यूनिवर्सिटी की ओर से 2 साल की मार्कशीट दी जा चुकी है।

आयुक्तालय ने यह कहा

फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद 30 अगस्त 2020 को आयुक्तालय ने मां शारदे कॉलेज में BSC संचालन पर आपत्ति जताई और आयुक्तालय स्तर पर एनओसी जारी नहीं करने की जानकारी दी। वहीं कॉलेज को फर्जीवाड़े की पेनल्टी के तौर पर 10 हजार रुपए जमा कराने के निर्देश दिए। कॉलेज ने संबंधित राशि जमा करा दी तो उसके नाम एक और पत्र जारी कर NOC से पहले की प्रक्रिया दुरस्त कराने की सलाह दी। साथ ही हरिदेव जोशी गवर्नमेंट कॉलेज (नोडल) से दस्तावेज की जांच पूरी कराकर आयुक्तालय को भिजवाने के लिए लिखा।

यूनिवर्सिटी ने आयुक्तालय के पत्र के बाद की कार्रवाई।

यूनिवर्सिटी ने आयुक्तालय के पत्र के बाद की कार्रवाई।

 

यूं चला पूरा फर्जीवाड़ा

निजी कॉलेज की ओर से NOC का फर्जीवाड़ा शैक्षणिक सत्र 2018-19 के दौरान किया गया। आयुक्तालय की फर्जी NOC देकर निजी कॉलेज ने विज्ञान संकाय संचालन की अनुमति ले ली। पहले साल फर्स्ट ईयर के तौर पर कॉलेज ने 35 बच्चों का दाखिला किया। इसी तरह दूसरे साल यानी सेकंड ईयर में पूरे साल तक 78 बच्चों को पढ़ाया। आयुक्तालय से लेटर मिलने के बाद जीजीटीयू ने तीसरे साल में कॉलेज को अगले दाखिले से रोक दिया। इसके बाद कॉलेज में पढ़ रहे बच्चों को दूसरे कॉलेज में स्थानांतरित

जानकारी में आया तभी रोक लगाई

मामले में जीजीटीयू के परीक्षा नियंत्रक डॉ. नरेंद्र पानेरी ने बताया कि यूनिवर्सिटी ने NOC के बेस पर मां शारदे कॉलेज को साइंस फैकल्टी संचालन की अनुमति दी थी। आयुक्तालय से जब फर्जीवाड़े की जानकारी मिली तो यूनिवर्सिटी ने अगला सत्र रोक दिया। आयुक्तालय ने निजी कॉलेज से 10 हजार रुपए पेनल्टी जमा कराई है। शायद कॉलेज की ओर से एनओसी लेने के लिए प्रक्रिया पूरी की जा रही है। बच्चों के भविष्य को देखते हुए उनकी मार्कशीट नहीं रोकी।

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