Friday, September 24, 2021
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धारा 144 की वजह से सुनसान हुआ गुलमर्ग, टूरिस्ट ना आने से होटल वाले भी परेशान

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को कमजोर किए जाने के बाद से ही धारा 144 का असर है. हजारों की संख्या में सुरक्षाबल सड़कों पर तैनात हैं और बाहरी टूरिस्टों को राज्य से वापस भेज दिया गया है. ‘धरती की जन्नत’ कहा जाने वाला कश्मीर देश के अहम पर्यटन स्थलों में से एक है. लेकिन अब यहां पर कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि कोई घूमने के लिए आ ही नहीं रहा है. इससे स्थानीय लोगों को भी काफी परेशानी हो रही है.

गुलमर्ग में होटल वाले और अन्य स्थानीय लोग जिनका रोजगार सिर्फ पर्यटकों के दम पर ही चलता था. लेकिन इस बार उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. गुलमर्ग में कई होटल वालों का कहना है कि यहां पर कोई नहीं आ रहा है, खाने की दिक्कत हैं, दुकानें भी नहीं खुल रही हैं.

जम्मू-कश्मीर में गुलमर्ग की गिनती उन जगहों में होती है, जहां पर घूमने वाले ना सिर्फ देश के कई हिस्सों बल्कि विदेशों से पहुंचते हैं. लेकिन अब ये जगह सुनसान पड़ी है. जम्मू में तो धारा 144 हटा दी गई है लेकिन कश्मीर में अभी भी पाबंदियां लागू हैं. यहां मोबाइल इंटरनेट, कॉलिंग जैसी सुविधाओं पर भी अभी रोक लगी हुई है.

हालांकि, गुरुवार को गुलमर्ग में स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम बड़ी धूमधाम से मनाया गया था. यहां स्थानीय लोग बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल हुए थे.

आपको बता दें कि 5 अगस्त को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 कमजोर करने और केंद्र शासित प्रदेश बनाने का फैसला लिया. इस फैसले को लेने से पहले ही घाटी में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबलों की तैनाती कर दी गई थी, हजारों की संख्या में अतिरिक्त जवान सुरक्षाबल भेजे गए थे.

एडवाइजरी जारी कर टूरिस्टों को भेजा गया था बाहर

इतना ही नहीं अचानक अमरनाथ यात्रा को रोक दिया गया था, एक एडवाइज़री जारी कर गृह मंत्रालय की तरफ से राज्य में बाहर से आए टूरिस्टों को तुरंत राज्य खाली करने को कहा था. इसके लिए सरकार की तरफ से भी व्यवस्था की गई थी और वायुसेना की मदद से लोगों को कश्मीर से बाहर निकाला गया था. तभी से घाटी में इसी तरह के हालात बने हुए हैं.

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