हरियाणा : कुलदीप बिश्नोई की पत्नी भी बीजेपी में शामिल

0
15

कुलदीप बिश्‍नोई भाजपा में शामिल हो गए हैं। उनके साथ पत्‍नी रेणुका बिश्‍नोई भी भाजपा में शामिल हुईं। उनको दिल्‍ली में आयोजित कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्‍यमंत्री Kuldeep Bishnoi ने भाजपा की सदस्‍यता दिलाई। इसके बाद कुलदीप और रेणुका बिश्‍नोई का भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा ने अपने निवास पर स्‍वागत‍ किया। नड्डा ने भाजपा का पटका पहनाकर दोनोंं नेताओं काे भाजपा में विधिवत शामिल किया।   इसके साथ ही कुछ कुलदीप के करीबी पूर्व विधायकों के भी भाजपा में जल्‍द शामिल होने की संभावना है। इससे पहले गांधी परिवार से नाराजगी के बाद कुलदीप बिश्‍नोई ने आखिरकार बुधवार को कांग्रेस को अलविदा कह दिया था। वह आज दोपहर 12.30 बजे भाजपा में शामिल हुए। नई दिल्‍ली में भाजपा मुख्‍यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्‍यमंत्री मनोहरलाल, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और हरियाणा भाजपा  अध्‍यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने कुलदीप बिश्‍नोई और रेणुका बिश्‍नोई का सवागत किया। मुख्‍यमंत्री मनोहर लाल ने दोनों को भाजपा की सदस्‍यता की पर्ची और पटका पहनाकर पार्टी में शामिल कराया। इस मौके पर मुख्‍यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि कुलदीप और रेणुका बिश्‍नोई का भाजपा में स्‍वागत है। उनके भाजपा में शामिल होने से पार्टी मजबूत होगी। भजनलाल परिवार का हरियाणा की राजनीति में खास स्‍थान रहा है। मनोहर लाल ने कहा कि कुलदीप और रेणुका बिना किसी शर्त के भाजपा में शामिल हुए हैं।

बिश्नोई ने अपने साथ सात पूर्व विधायकों के भाजपा में शामिल होने का संकेत दिया था।  इससे पहले कुलदीप के दिल्ली स्थित निवास पर सुबह से ही उनके समर्थक एकत्र हो रहे है। अब तक कांग्रेस खासकर भजनलाल परिवार का गढ़ रहे आदमपुर विधानसभा सीट का उपचुनाव जीतना भाजपा के लिए आसान रहेगा।हरियाणा के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके स्व. भजनलाल के छोटे बेटे कुलदीप बिश्नोई ने बुधवार को दूसरी बार कांग्रेस को अलविदा कह दिया। हिसार व भिवानी से दो बार सांसद तथा हिसार जिले की आदमपुर विधानसभा सीट से चौथी बार विधायक चुने गए कुलदीप बिश्नोई ने बुधवार को विधानसभा की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया। कुलदीप बिश्नोई बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल की मौजूदगी में नई दिल्ली में भाजपा में शामिल होंगे। विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देते ही कुलदीप बिश्नोई ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह पर हमला बोला। स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने कुलदीप का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि मैंने त्यागपत्र देकर हुड्डा की चुनौती को स्वीकार कर दिया है। अब हुड्डा मेरे बेटे भव्य बिश्नोई अथवा मेरे खिलाफ आदमपुर का उपचुनाव लड़ने की चुनौती स्वीकार करें। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

कुलदीप के इस्तीफा देते ही आदमपुर सीट पर उपचुनाव तय माना जा रहा है। कुलदीप की इच्छा यहां से अपने बेटे भव्य बिश्नोई को उपचुनाव लड़वाने की है, लेकिन उन्होंने कहा कि भाजपा में वह साधारण कार्यकर्ता की तरह शामिल हो रहे हैं। पार्टी का हर फैसला उन्हें मंजूर होगा।राज्यसभा चुनाव में क्रास वोटिंग करने पर कांग्रेस हाईकमान कुलदीप को कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य पद से पहले ही हटा चुका है। उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में भी एनडीए की उम्मीदवार द्रोपदी मुर्मु को अपना वोट दिया था। कुलदीप बिश्नोई वादे के अनुरूप हरियाणा कांग्रेस का अध्यक्ष नहीं बनाए जाने तथा उनकी बात सुनने के लिए राहुल गांधी द्वारा समय नहीं दिए जाने से नाराज थे। 2005 में पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल और कुलदीप बिश्नोई ने तब कांग्रेस छोड़ी थी, जब कांग्रेस हाईकमान ने भजनलाल के स्थान पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा को मुख्यमंत्री बना दिया था। यह चुनाव भजनलाल के नेतृत्व में लड़ा गया था और कांग्रेस को पूर्ण बहुमत मिला था।

भजनलाल 11 साल तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं। 22 दिसंबर 2007 में भजनलाल और कुलदीप ने अलग हरियाणा जनहित कांग्रेस (बीएल) पार्टी बना ली थी। कुलदीप बिश्नोई 2004 से 2009 के बीच भिवानी से सांसद चुने गए थे। 2011 से 2014 के बीच भी हिसार से सांसद बने। इस दौरान उन्होंने भाजपा से गठबंधन किया। एक बार उनकी पार्टी से पांच विधायक जीते थे, जिन्हें भूपेंद्र सिंह हुड्डा हुड्डा ने अपने साथ मिला लिया था। दूसरी बार उनकी पार्टी के दो विधायक जीते, जिसमें वह स्वयं और पत्नी रेणुका बिश्नोई विधायक बने। इसके बाद 2016 में कुलदीप बिश्नोई ने कांग्रेस में घर वापसी की थी और हरियाणा जनहित कांग्रेस का कांग्रेस में विलय कर दिया था। कांग्रेस के विधायक पद से इस्तीफा देते ही उनके बेटे भव्य़ बिश्नोई ने अपने ट्वीटर हेंडिल पर अलविदा इंडियन नेशनल कांग्रेस लिख दिया। कुलदीप बिश्नोई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अब तक का सबसे बेहतरीन प्रधानमंत्री और मनोहर लाल को प्रदेश के सर्वांगीण विकास की सोच रखकर काम करने वाला मुख्यमंत्री बताया है। कुलदीप ने कहा कि कांग्रेस अब इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के समय की पार्टी नहीं रही। उसमें समस्त फैसले गलत हो रहे हैं। भाजपा देशहित में सोचती है और वह मोदी व शाह की इस सोच से प्रभावित हैं।

भाजपा में आने पर पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह समेत कुछ जाट नेताओं के कथित विरोध से जुड़े सवाल पर कुलदीप ने कहा कि जिसमें जान होती है, उसी का विरोध होता है। मुर्दों का विरोध कौन करता है। मैंने हमेशा सही राजनीतिक फैसले लिए हैं, यह अलग बात है कि कई बार परिस्थिति भिन्न हो जाती होगी। उन्होंने कहा कि रेणुका बिश्नोई कोई भी चुनाव नहीं लड़ेंगी, लेकिन भव्य बिश्नोई और मैं सक्रिय राजनीति करते हुए चुनाव लड़ेंगे। पार्टी उनकी जहां जिस रूप में ड्यूटी लगाएगी, वह उसे पूरा करेंगे। कांग्रेस के एक दिवसीय चिंतन शिविर पर हमला बोलते हुए कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि उसमें पार्टी का कोई वरिष्ठ नेता नहीं गया, क्योंकि उन्हें बुलाया नहीं गया था। यह चिंतन शिविर सिर्फ हुड्डा का था और उनके चेहरे पर चिंतन की चिंता साफ नजर आ रही थी।कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी उदयभान द्वारा ईडी के डर से भाजपा में शामिल होने की बात का कुलदीप ने यह कहते हुए जवाब दिया कि मुझे आज तक न तो ईडी का कोई नोटिस मिला है और न ही कोई पूछताछ हुई है। तीन साल पहले इनकम टैक्स की सामान्य सर्च हुई थी, जो पूरी हो चुकी है। मैं सिद्धांतवादी, ईमानदारी और स्वाभिमानी व्यक्ति हूं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here