Sunday, September 19, 2021
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हक की लड़ाई : हरियाणा ने केंद्र से चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी में मांगी हिस्सेदारी

पानीपत : चंडीगढ़ को लेकर पंजाब और हरियाणा की चल रही दावेदारी के बीच अब हरियाणा ने पंजाब यूनिवर्सिटी में अपनी हिस्सेदारी मांगी है। इसके लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ भाजपा के पंचकूला से विधायक से ज्ञानचंद गुप्ता की ओर से गृह मंत्री से लेकर यूनिवर्सिटी के चांसलर एवं उपराष्ट्रपति वैंकया नायडू को चिट्‌ठी लिखी है।

 

1996 में बनी बंसीलाल सरकार के दौरान तक पंजाब यूनिवर्सिटी में 92 फीसदी हिस्सा केंद्र सरकार का जबकि 4 फीसदी हरियाणा और 4 फीसदी पंजाब का हिस्सा था। लेकिन बंसीलाल सरकार के वक्त एक विवाद के बाद सरकार ने अपना हिस्सा हटा दिया था। लेकिन अब हरियाणा सरकार ने एक बार फिर अपने हिस्सेदारी मांगी है। हिस्सेदारी न होने से महत्वपूर्ण फैसले लेने वाली सीनेट की सदस्यता भी हरियाणा के पास नहीं है।

 

यदि हिस्सेदारी मिले तो मुख्यमंत्री के अलावा एक-दो विधायक को भी सदस्यता मिल सकती है। हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट की ओर से भी इसके लिए पत्राचार शुरू किया है। पंचकूला के विधायक ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि इस मामले में पूरी कोशिश की जा रही है कि हरियाणा को उसकी पूरी हिस्सेदारी मिले। ताकि यहां के विद्यार्थियों का भी पंजाब यूनिवर्सिटी में आसानी से दाखिला हो सके।
सरकार 20 करोड़ का फंड देने को तैयार
बताया गया है कि पंजाब यूनिवर्सिटी में हिस्सेदारी होने पर उसे फंड देना होता है। बंसीलाल सरकार ने फंड देने से मना करते हुए हिस्सेदारी खत्म की थी। अब मामला हाई कोर्ट में भी है। अब सरकार को 8 करोड़ रुपए सालाना देने होंगे, लेकिन हरियाणा सरकार ने हाई कोर्ट में एफिडेविट दिया है कि वह 20 करोड़ रुपए देने को तैयार है। इस यूनिवर्सिटी से पहले पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर आदि जिलों के कॉलेज जुड़े हुए थे।
85 % काेटा है चंडीगढ़ में पढ़ने वाले बच्चों का
यूनिवर्सिटी में 85 फीसदी सीटें चंडीगढ़ में पढ़े रहे विद्यार्थियों के लिए तय की हुई है। जबकि 15 फीसदी सीट दूसरे प्रदेशों के लिए है। ऐसे में चंडीगढ़ में नजदीक लगते पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर जैसे जिलों को यहां एडमिशन मिलने तक में परेशानी आ रही है। क्योंकि ऑल इंडिया से यहां बच्चे दाखिला लेते हैं। इसलिए मेरिट 92 फीसदी तक पहुंच जाती है और चंडीगढ़ में पढ़ने वालों की मेरिट 78 तक रहती है।

 

पड़ोसी जिले पंचकूला के स्कूल हो जाएंगे बंद
पंजाब यूनिवर्सिटी में पहले यदि कोई बच्चा 12वीं पास चंडीगढ़ से करता था तो वह चंडीगढ़ के 85 फीसदी कोटे में शामिल होता था, लेकिन अब इसमें दसवीं के अंक भी देखे जाएंगे। पड़ोसी जिला पंचकूला में पहले ही दसवीं पास करने के बाद स्कूल खाली हो रहे थे, वहीं अब दसवीं की शर्त जुड़ने पर यहां सेकंडरी स्कूलों पर भी संकट आ सकता है।

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