Friday, September 17, 2021
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31 साल पहले हुए हत्याकांड में स्थानांतरित अर्जी पर सुनवाई आज

 

उत्तर प्रदेश के बरेली में 31 साल पहले हुए जैन दंपती हत्याकांड के मुख्य आरोपी गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी ने इस हत्याकांड को किसी अन्य कोर्ट में स्थानांतरित करने की अर्जी दाखिल की है। जिस पर आज यानि 18 अगस्त को सुनवाई होनी है। पप्पू गिरधारी उत्तराखंड की महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या के पति है। उधर, दूसरी ओर उत्तराखंड में भी पप्पू गिरधरी की गिरफ्तारी को लेकर कांग्रसियों ने बवाल काट दिया है। जिसमें पप्पू गिरधारी ने कांग्रेसियों पर मान हानि का नोटिस दिया है। बहराल कोर्ट के फैसले के बाद ही केस की स्थिति साफ होगी।

29 जुलाई को कोर्ट ने गैर जमानती वारंट किया था जारी

दरअसल, लगातार पेश न होने पर कोर्ट ने 29 जुलाई को पप्पू गिरधारी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया था। अभियुक्त का गैर जमानती वारंट पांच अगस्त को भी जारी किया गया। इसके बाद अभियुक्त के अधिकवक्ता की तरफ से अर्जी दी गई कि उनका मुवक्किल बुखार से पीड़ित है इसलिए उन्होने ही उसे कोर्ट में आने से मना किया है। कोर्ट ने अभियुक्त की ओर से दी गई अर्जी को खारिज करने के बाद फिर से पांच अगस्त के लिए गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। इसके बाद पप्पू गिरधारी ने मामले को किसी अन्य अदालत में स्थानंतरित करने की अर्जी जिला जज की कोर्ट में दी गई। जिसकी सुनवाई बुधवार यानि आज होनी है।

क्या था जैन दंपति हत्याकांड

जैन दंपती हत्याकांड जून 1990 में हुआ था। मृतक नरेश जैन और पुष्पा जैन की बेटी प्रगति जैन ने इस मामले में रिपोर्ट लिखाई थी। अपनी गवाही के दौरान प्रगति ने कोर्ट को बताया था कि 11 जून की रात करीब सवा नौ बजे वे लोग टीवी देख रहे थे। उसी दौरान चाकू और डंडे लेकर चार-पांच लोग घर में घुस आए। एक ने उनके पिता से कुछ बात की और दूसरे ने जाकर टीवी बंद कर दिया। इसके बाद उन लोगों ने पिता (नरेश जैन) को चाकू से मारना शुरू कर दिया। प्रगति और उनकी बहन ने उन्हें बचाने की कोशिश की। मदद के लिए पिता के साथ चिल्लाना शुरू किया तो उनकी मां (पुष्पा जैन) भी दौड़कर वहां आ गईं। हमलावरों ने उन्हें भी चाकू और डंडों से मारना शुरू कर दिया। जिसकी वजह से वह भी घायल हो गई।

दोनों बहने भी बीचबचाव में हुई चोटिल

रिपोर्ट के मुताबिक मां-बाप को बचाने के चक्कर में दोनों बहनें भी चोटिल हो गईं। जब वह आरोपियों को नहीं रोक पाई तो प्रगति की दूसरी बहन प्रेरणा फोन करने के लिए भागी। मगर आरोपियों ने फोन का तार काट दिया। इसके बाद आरोपी चले गए। इस हमले में उनके पिता नरेश जैन और मां पुष्पा जैन की मौत हो गई।

जमीन का बताया जा रहा था विवाद

इस मामले में जोगीनवादा के रहने वाले पप्पू गिरधारी, हरिशंकर उर्फ पप्पू, बदायूं में थाना कोतवाली के मोहल्ला ब्रह्मपुरा के जगदीश सरन गुप्ता, रोहली टोला के भगवान दास, कटरा चांद खां के केपी वर्मा, साबिर, शीशगढ़ के योगेश चंद्र, आंवला के बजरुद्दीन, भुता के नरेश कुर्मी, फतेहगंज पश्चिमी के हरपाल, बदायूं की पूनम उर्फ सुनीता उर्फ गुड्डी समेत 11 लोगों पर आरोप तय किए गए। इसमें हत्या, आपराधिक षडयंत्र रचना, और जमीन हड़पने के लिए जालसाजी जैसे आरोप शामिल है।

 

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