हिमाचल : कांग्रेस का बड़ा ऐलान,सरकार बनने पुरानी पेंशन देने की घोषणा की

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हिमाचल प्रदेश में विधनसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने बड़ा दांव चल दिया है। कांग्रेस के पर्यवेक्षक एवं छत्‍तीसगढ़ के मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल ने शिमला में आयोजित बैठक के दौरान बड़ा ऐलान कर दिया है। हिमाचल में विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत कांग्रेस ने भी फ्री की घोषणाओं की झड़ी लगा दी है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री एवं हिमाचल में विधानसभा चुनाव के लिए वरिष्ठ पर्यवेक्षक भूपेश बघेल ने कहा कि हिमाचल में कांग्रेस की सरकार बनने पर सभी परिवार को 300 यूनिट तक की बिजली मुफ्त दी जाएगी, चूंकि हिमाचल बिजली उत्पादक राज्य है।

भूपेेश बघेल ने कहा कांग्रेस सरकार बनने के 10 दिन के अंदर ओपीएस यानी ओल्‍ड पेंशन स्‍कीम लागू करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार एनपीएस कर्मचारियों का जमा शेयर वासप नहीं लौटाती तो कांग्रेस ओपीएस  की बहाली के लिए लड़ाई लड़ेगी। 18 से 60 साल की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये दिए जाएंगे। प्रदेश के पांच लाख नौजवानों को रोजगार की व्यवस्था की जाएगी। हिमाचल प्रदेश में स्टार्टअप के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाएगा। सभी विधानसभा क्षेत्रों के लिए कुल 680 करोड़ की ब्याज मुक्त राशि उपलब्ध करवाई जाएगी। भूपेश बघेल ने भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्‍होंने पांच साल में भाजपा सरकार विफल रही है। महंगाई से कोई निजात नहीं दिला पाई। हिमाचल प्रदेश के किसान और बागवान परेशान हैं। केंद्र सरकार द्वारा खाद्य वस्तुओं सेब कार्टन पर भी जीएसटी लगा दिया गया। हिमाचल में कांग्रेस एक जुट होकर चुनाव लड़ेगी और सरकार बनाएगी।

भूपेश बघेल ने कहा कि जयराम सरकार पांच साल में कोई भी वादा पूरा नहीं कर पाई। जिन पांच दानवों की बात कर भाजपा सत्ता में आई। आज उन्हीं का संरक्षण कर रही है। इससे आम जनता महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टचार से त्रस्त है। वन रेंक वन पेंशन की बात करने वाली सरकार अब नो रैंक नो पेंशन की बात कर रही है। भूपेश बघेल ने कहा कि हिमाचल में 5000 जवान सेना में भर्ती के लिए नियुक्ति का पत्र इंतजार कर रहे थे। इस बीच मोदी सरकार ने अग्निवीर योजना लाकर उनके सपनों पर पानी फेर दिया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार वन रैंक वन पेंशन की बात कर रही थी वहीं अब नो रैंक नो पेंशन की बात कर रही है। बघेल ने कहा कि जिन राज्‍यों में कांग्रेस विपक्ष में है, वहां आमतौर पर पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की चुनाव से पहले घोषणा नहीं की जाती। इन राज्यों में चुने हुए विधायक ही सीएम का चयन करते आए हैं। इसलिए हिमाचल में भी चुनाव मिलजुल कर लड़ा जाएगा और मुख्यमंत्री का अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान करेगी।

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