आंध्र प्रदेश के सूर्यलंका परीक्षण रेंज में पिछले सप्ताह इन मिसाइलों का परीक्षण किया गया। लक्ष्य पर दागी गई अधिकांश आकाश मिसाइलों ने सीधा प्रहार किया।

समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार लड़ाई के दौरान दुश्मन के विमानों को मार गिराने के लिए संयुक्त गाइडेड हथियारों से लैस हैं ये मिसाइलें। भारतीय वायु सेना ने अभ्यास के दौरान आकाश मिसाइलों और कंधे से हवा में मार करने वाली मिसाइलों का परीक्षण किया।

दिलचस्प बात यह है कि इन दोनों प्रणालियों को वर्तमान में पूर्वी लद्दाख और अन्य क्षेत्रों में एलएसी के साथ तैनात किया गया है ताकि दुश्मन के किसी भी विमान को भारतीय वायु अंतरिक्ष का उल्लंघन करने के लिए बाहर निकाला जा सके।

स्वदेशी हथियारों से युद्ध करने की इच्छा को पूरा करेगा आकाश मिसाइल

आकाश को लेकर भारतीय वायु सेना से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि आकाश सबसे सफल स्वदेशी हथियार प्रणालियों में से एक है और यह रक्षा बलों की स्वदेशी हथियारों से युद्ध करने की इच्छा को पूरा करेगा। आकाश मिसाइल को हाल ही में अपग्रेड किया गया है और जो इसे पहले की तुलना में अधिक आसानी के साथ लक्ष्य को मार गिराने में मदद करेगा।

इसके साथ ही भारतीय वायु सेना से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) आकाश प्राइम मिसाइल प्रणाली पर भी काम कर रहा है। जो इसे बहुत अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर भी लक्ष्य हासिल करने में सक्षम बनाएगी।