Monday, September 27, 2021
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वैक्सीनेशन नहीं हुई तो एक जुलाई से 30हजार से अधिक स्टेशन मास्टरों द्वारा बाधित हो सकती है रेल सेवा

कोरोना संक्रमण के प्रति रेलवे कर्मचारियों के प्रति रेलवे बोर्ड से लेकर जोनल मुख्यालयों के उदासीन रवैया को लेकर रेलवे कर्मचारियों में भारी नाराजगी पनप रही है। रेलवे टिकट चेकिंग स्टाफ के बाद अब देश भर के स्टेशन मास्टरों ने भी फ्रंटलाइन वर्कर घोषित करने की मांग करते हुए सभी कर्मचारियों ने 30 जून तक वैक्सीनेट करने का चेतावनी दे दिया है। स्टेशन मास्टरों ने ‘नो वैक्सीनेशन, नो वर्क’ के नारे के साथ 1 जुलाई से रेलवे सेवाएं बाधित होने की चेतावनी दी है।

  • बोर्ड के उदासीन रवैया से रेलवे कर्मचारियों में भारी नाराजगी

केंद्र सरकार द्वारा फ्रंटलाइन वर्कर्स को प्राथमिकता देते हुए और मौजूदा समय में 18 से 45 साल की वर्ग के लोगों के लिए भी वैक्सीन ड्राइव में अब रेलवे के स्टेशन मास्टर भी इसमें शामिल हो गए हैं। अब स्टेशन मास्टर यह मांग कर रहे हैं कि उन्हें फ्रंटलाइन वर्कर माना जाए।

उनका कहना है कि स्टेशन मास्टर स्टेशनों पर रहकर रोजाना यात्रियों से संपर्क में आते हैं। देशभर में करीब 150 स्टेशन मास्टर कोरोना संक्रमण के चलते ही अपनी जान गंवा चुके हैं। सैकड़ों कर्मचारी ऐसे हैं, जो संक्रमित हुए और जिन्होंने अपने परिवार के लोगों को संक्रमित किया है और ऐसे में उनके परिवारों के कई लोगों के परिवार में भी कोरोना से मृत्यु हुई है। स्टेशन मास्टरों ने बताया कि अभी तक सभी जोनों में लगभग 4500से अधिक रेलवे कर्मचारियों या उनके परिवारों की मौत कोरोना संक्रमण के कारण हो चुके है। ट्रेन में पैसेंजर भी कोरोना संक्रमित हो सकते है और स्टाफ भी ऐसे में स्टेशन मास्टर का प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीनेशन जरूरी है। कैडर द्वारा दावा किया जा रहा है कि देश भर में 30 हजार से ज्यादा स्टेशन मास्टर हैं। कोरोना महामारी की दूसरी लहर में भी यह लोग लगातार स्टेशनों पर न सिर्फ आते हैं बल्कि अपने कर्तव्यों का निर्वहन भी करते है।

31 मई को चलाएंगे चलाएगी एसएमएस कैंपेन ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन के बैनर तले 31 मई को प्रायोरिटी वैक्सीनेशन के लिए एसएमएस कैंपेन चलाया जाएगा। यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि इस एसएमएस कैंपेन के जरिए ही 30 जून उन्होंने बताया कि अधिकारियों को अपनी शक्ति और अल्टीमेटम के विषय में भी बताया जाएगा। बताया जा रहा है कि रेल अधिकारी यूनियन के दावे के बावजूद रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सुनील शर्मा ने यह कहा था कि उन्हें अब तक स्टेशन मास्टरों की ओर से कोई आधिकारिक मांग नहीं दी गई है। उन्होंने यह भी कहा था कि रेल कर्मचारियों को वैक्सीन के लिए देश भर में 100 से ज्यादा वैक्सीनेशन सेंटर खोले गए हैं और सभी को वैक्सीन दी जा रही है। स्टेशन मास्टर एसोसिएशन का कहना है कि 30 जून तक अगर वैक्सीनेशन नहीं होता है तो उन्हें अपनी ड्यूटी से ज्यादा प्राथमिकता अपने स्वास्थ्य को देनी होगी। इसमें नो वैक्सीनेशन नो वर्क के नारे को भी रह-रहकर सामने रखा जा रहा है यदि ऐसा होता है तो इससे देशभर में रेल यातायात बाधित होने की आशंका है।

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