दिल के मरीजों को मूंगफली का सेवन करने की सलाह नहीं दी जाती है क्योंकि ये नट्स मोनो और पॉलीअनसेचुरेटेड वसा दोनों के लगभग 45-50% से बना होता हैं। दिल के मरीजों के लिए अधिक वसा वाले खाद्य पदार्थों के साथ हमेशा एक जोखिम बना रहता है।

हालांकि असलियत ये है कि मूंगफली हाई क्वालिटी वाले मोनोअनसैचुरेटेड वसा से भरपूर होती है, लेकिन ट्रांस फैट से पूरी तरह मुक्त होती है। मोनोअनसैचुरेटेड वसा बेड कोलेस्ट्रॉल की ग्रोथ को कम करने के साथ जुड़ा हुआ है और यह उच्च घनत्व वाले लिपोप्रोटीन (एलडीएल) स्तर को भी कम करता है जो दिल की सेहत के लिए हानिकारक है। जबकि ट्रांस फैट, सभी के लिए हानिकारक है।

मूंगफली को अक्सर उच्च कोलेस्ट्रॉल वाले लोगों को खाने की सलाह दी जाती है। रोजाना मुट्ठी भर मूंगफली आपके शरीर में बायोटिन, कॉपर, फोलेट, विटामिन ई, मैंगनीज, थायमिन, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम के अलावा अन्य मूल प्रोटीन, फाइबर और स्वस्थ वसा की आवश्यकता को पूरा कर सकती है।

रोजाना मुट्ठी भर मूंगफली आपके शरीर में बायोटिन, कॉपर, फोलेट, विटामिन ई, मैंगनीज, थायमिन, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम के अलावा अन्य मूल प्रोटीन, फाइबर और स्वस्थ वसा की आवश्यकता को पूरा कर सकती है।

बहुत सारे लोग यह सोचकर मूंगफली खाने से बचते हैं कि इससे बॉडी मास बढ़ेगा। वास्तव में, वास्तविकता इसके ठीक विपरीत है। मूंगफली बेहद सेहतमंद होती है और अगर सही मात्रा में इसका सेवन किया जाए तो वजन घटाने में मदद मिल सकती है। प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और वसा की अच्छी गुणवत्ता के कारण, सीमित मात्रा में अगर मूंगफली का सेवन किया जाता है, तो आप लंबे समय तक तंदुरुस्त रह सकते हैं, इसलिए मूंगफली का अधिक सेवन करने से बचें ।

दिल के मरीज ज्यादा सेवन से करें परहेज

मूंगफली में ओमेगा-6 फैटी एसिड होता है जो बॉडी को हेल्दी रखने में मदद करता है। लेकिन इसकी ज़्यादा मात्रा शरीर में ओमेगा-3 फैटी एसिड जो कि दिल को बीमारियों से दूर रखता है, उसे कम कर देता है, इसलिए ज़्यादा मात्रा में मूंगफली खाने से बचें।