Sunday, September 26, 2021
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LIVE: राज्यसभा में PDP सांसदों ने फाड़े कपड़े, धरने पर बैठे गुलाम नबी आजाद

संसद की कार्यवाही में आज जम्मू कश्मीर का मुद्दा गरमाया हुआ है. गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 के प्रावधान हटाने संबंधी प्रस्ताव को सदन में पेश कर दिया है. विपक्ष इस मामले पर जोरदार हंगामा कर रहा है. इस मुद्दे पर गृहमंत्री अमित शाह दोनों सदन में बयान दे दिया है. बता दें कि कश्मीर में लगातार बदलते हालात के बीच राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती और एनसी नेता उमर अब्दुल्ला को श्रीनगर में नजरबंद किया गया है.

Highlights
  • जम्मू कश्मीर पुनर्गठन प्रस्ताव पेश
  • जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाया गया
  • राज्यसभा में विपक्ष का जोरदार हंगामा
  • राज्यसभा के एजेंडे में नदी जल विवाद बिल
  • लोकसभा में पेश होगा चिट फंड संशोधन बिल

बसपा ने किया प्रस्ताव का समर्थन

जम्मू कश्मीर आरक्षण और पुनर्गठन बिल को बसपा ने समर्थन दिया है. सपा के रामगोपाल ने इसे असंवैधानिक बताते हुए कहा कि अगर आपने 2 हिस्सों में बांट दिया है जो जम्मू कश्मीर में आरक्षण कैसे लागू होगा. कांग्रेस और टीएमसी इस बिल के कड़े विरोध में है. प्रस्ताव के समर्थन में बीजेपी सांसद भूपेंद्र यादव ने कहा कि यह प्रावधान अस्थाई था जिसे हटाना देश की एकता और अखंडता के लिए काफी जरूरी था, ऐसा सिक्किम को भारत में शामिल करने के लिए भी किया गया था.

370 ने कश्मीर को भारत से नहीं जुड़ने दिया: अमित शाह

अमित शाह ने कहा कि 370 के कारण जम्मू कश्मीर के लोग गरीबी में जीने को मजबूर हैं और उन्हें आरक्षण का फायदा नहीं मिल रहा है. इसी अनुच्छेध के कारण कश्मीर के 3 परिवारों ने कश्मीर को  सालों तक लूटा है. उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 से कश्मीर को भारत के साथ नहीं जोड़ा है बल्कि राजा हरि सिंह ने संधि साइन की थी, धारा 370 कश्मीर के भारत से जुड़ने से पहले ही आ चुकी थी. इसी धारा ने कश्मीर को भारत के साथ जुड़ने ही नहीं दिया. अगर यह गैर संवैधानिक है तो विवाद न करते हुए चर्चा करें और हम इसके लिए तैयार हैं. धारा 370 अस्थाई थी और इसे कभी न कभी हटना था लेकिन पिछली सरकारों ने वोट बैंक के लिए इसे हटाने की हिम्मत नहीं की. कैबिनेट ने आज हिम्मत दिखाकर और जम्मू कश्मीर के लोगों के हित के लिए यह फैसला लिया है.

कश्मीर में लाखों लोगों ने कुर्बानियां दी: आजाद

राज्यसभा में गुलाम नबी आजाद ने कहा कि अनुच्छेद 370 के तहत ही जम्मू कश्मीर को भारत के साथ जोड़ा गया था और इसके पीछे लाखों लोगों ने कुर्बानियां दी है. उन्होंने कहा कि हजारों नेताओं ने अपने नेता और कार्यकर्ता खो दिए हैं. आजाद ने कहा कि 1947 से हजारों आम नागरिकों की जान गई हैं. जम्मू कश्मीर को भारत के साथ रखने के लिए हजारों बलिदान हुए हैं. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लोग हर हालत में भारत के साथ खड़े रहे. आजाद ने कहा कि यह ऐतिहासिक दिन है और यह कोई आम बात नहीं है. उन्होंने कहा कि मैं इस कानून का कड़े शब्दों में विरोध करता हूं और हम भारत के संविधान की रक्षा के लिए अपनी जान की बाजी लगा देंगे लेकिन हम उस एक्ट का विरोध करते हैं जो हिन्दुस्तान के संविधान को जलाते हैं. बीजेपी ने इसी संविधान की हत्या की है और जिसे अनुच्छेद 370 ने भारत को कश्मीर दिया, उसे ही बीजेपी ने खत्म कर दिया है.

पीडीपी सांसदों ने फाड़े कपड़े

राज्यसभा में अमित शाह के बयान के बाद हंगामा जारी है. वाइको ने कहा कि देश में फिर से इमरजेंसी के हालात आ गए हैं इसके बाद सभापति ने कहा कि हालात इमरजेंसी के नहीं अरजेंसी के हैं. उन्होंने हंगामा कर रहे सांसदों से अपने सीट पर जाने के लिए कहा लेकिन कोई भी सांसद वापस जाने को तैयार नहीं है. सदन में पीडीपी सांसदों ने अपने कपड़े फाड़ दिए हैं और सभापति ने उन्हें सदन से बाहर जाने के लिए कहा है. गुलाम नबी आजाद वहीं धरने पर बैठ गए हैं.

जम्मू कश्मीर से अलग हुआ लद्दाख

नए प्रावधान जिसमें जम्मू कश्मीर पुनर्गठन का प्रस्ताव शामिल है, उसके तहत जम्मू कश्मीर अब केंद्र शासित प्रदेश होगा और लद्दाख को जम्मू कश्मीर से अलग कर दिया गया है और उसे भी केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया है. अमित शाह ने कहा कि 38 बार सदन में ऐसे प्रावधान लाए गए हैं और इस सदन में उसे पेश किया गया है.

अमित शाह के बयान पर हंगामा

अमित शाह ने कहा कि इस बिल के तहत जम्मू कश्मीर में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा. साथ ही राज्य के पिछड़े वर्गों के बच्चों को भी आरक्षण का लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा कि कश्मीर में लागू अनुच्छेद 370 में सिर्फ खंड 1 रहेगा, बाकी प्रावधानों को हटा दिया जाएगा. अमित शाह के बिल पेश करने के दौरान सदन में जोरदार हंगामा हो रहा है और विपक्षी सांसद वेल में आकर नारेबाजी कर रहे हैं.
    • सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हो गई है और सभापति ने कहा कि जम्मू कश्मीर आरक्षण बिल पर चर्चा होने दीजिए. इसके बाद कई और विधेयकों को चर्चा के लिए पेश किया जाना है. विपक्षी सांसद अब भी हंगामा कर रहे हैं और सभापति की बात सुनने को तैयार नहीं है. संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि हमें बिल पर चर्चा करनी है और विपक्ष को सहयोग करना चाहिए.
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