रूस से भारत ने 58 फीसद हथियारों का किया आयात

2015-2019 के बीच भारत की रक्षा जरूरतों को पूरा करने में रूस का बड़ा योगदान रहा। रूस ने भारत को 58 फीसद हथियारों का निर्यात किया, जबकि 2010-14 के बीच यह 72 फीसद था। 2014 से 2019 के मध्य इजरायल और फ्रांस सभी ने भारत को अपने हथियारों का निर्यात बढ़ाया। हालांकि, भारतीय आयात में रूसी हिस्सेदारी अगले पांच साल की अवधि के दौरान तेजी से बढ़ सकती है, क्योंकि भारत ने हाल ही में कई बड़े रक्षा सौदों पर हस्ताक्षर किए हैं और कई पाइपलाइन में हैं।

दुनिया में निर्यात के मामले में अमेरिका की 36 फीसद हिस्सेदारी

दुनियाभर में अमेरिका की हथियारों के निर्यात में 36 फीसद हिस्सेदारी है। 2015 से 2019 के दौरान अमेरिका ने 96 देशों को हथियार भेजे। अमेरिका के आधे से अधिक हथियारों का निर्यात मध्य एशिया और खाड़ी देशों को हुआ।

भारत और चीन का सैन्य खर्च सबसे अधिक

2019 में भारत और चीन का सैन्य खर्च एशिया में सबसे अधिक रहा। दुनिया में सैन्य खर्च के मामले में ये दोनों क्रमश: दूसरे और तीसरे नंबर पर हैं। चीन का सैन्य खर्च 2019 में 261 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। 2018 के मुकाबले इसमें 5.1 फीसद की बढ़ोतरी हुई। भारत का 2019 में सैन्य खर्च बढ़कर 71.1 बिलियन डॉलर हो गया, जो 2018 की तुलना में 6.8 फीसद अधिक है। 2015-2019 में भारत ने डेनमार्क से स्कांटर-6000 राडार, इमब्रेरर ईआरजे-145 जेट ब्राजील, एसीटीएएस सोनार सिस्टम जर्मनी, सुपर रैपिड 76 एमएम नेवल गन इटली और के-9 थंडर 155 एमएम आर्टिलरी गन साउथ कोरिया से खरीदी है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत, फ्रांस और रूस के लड़ाकू विमान, इजराइल के गाइडेड बम और स्वीडन की आर्टिलरी का इस्तेमाल करता है।