Monday, September 27, 2021
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सिंगापुर में नाइट क्लब चलाने वाले भारतीय दंपति को सजा, वेश्यावृत्ति का था मामला

  • तीन बांग्लादेशी महिलाओं के शोषण का आरोप
  • दंपति को अदालत ने 6 साल जेल की सजा सुनाई
  • दोषी दंपति की सजा के खिलाफ करेगी अपील

सिंगापुर में एक भारतीय दंपति को तीन बांग्लादेशी महिलाओं के शोषण के आरोप में सजा सुनाई गई है. दंपति पर उनमें से एक को वेश्यावृत्ति में धकेलने का भी आरोप है. यह अप्रवासियों की बड़ी संख्या वाले सिंगापुर में मानव तस्करी के दोषी को सजा सुनाए जाने का पहला मामला है.

एक भारतीय दंपति को सिंगापुर में 6 साल जेल की सजा सुनाई गई है. समाचार एसेंजी पीटीआई के मुताबिक इस दंपति को तीन बांग्लादेशी महिलाओं के शोषण का दोषी पाया गया है. अदालत ने मलकर अनंत (51 वर्ष) और उसकी पत्नी प्रियंका भट्टाचार्या (31 वर्ष) पर 7,500 सिंगापुर डॉलर का जुर्माना भी लगाया गया है. दंपति ने महिलाओं को नाइट क्लब में डांस करने के लिए रखा था. उन्हें महिलाओं के साथ गलत भाषा का उपयोग करने, उनकी आवाजाही पर अंकुश लगाने और उनका पासपोर्ट अपने पास रखने का दोषी पाया गया है.

दोषियों पर क्या है आरोप

अदालत ने पाया कि दंपति ने उन्हें नाइट क्लब में रखा. इनमें दो महिलाओं को काम करने के बाद भी उनका मासिक वेतन नहीं दिया गया. बता दें कि ये दंपति फिलहाल जमानत पर है और फैसले के खिलाफ अपील की तैयारी कर रहा है. साथ ही अदालत ने मलकर को एक महिला को करीब 4878 सिंगापुर डॉलर देने को कहा गया है.

सजा सुनाने वाले डिस्ट्रिक्ट जज सैफुद्दीन सरुवान ने कहा, ‘दंपति का पीड़ित महिलाओं पर पूरा नियंत्रण था. उन्होंने उनका शोषण किया.’ जबकि डिप्टी पब्लिक प्रॉसिक्यूटर जेम्स चीयू और रिंपलजीत कौर ने कहा कि मलकर सिटी एरिया में नाइट क्लब चलाता था. वह तीन बांग्लादेशी महिलाओं की भर्ती के लिए जिम्मेदार है.

पीड़िता को दिया जाता था टारगेट

तीनों महिलाओं से हर दिन काम करवाया जाता था. उन्हें मिलने वाली टिप उन्हें नहीं दी जाती थी. तीनों महिलाओं को कमाई का टारगेट दिया जाता था. टारगेट पूरा नहीं होने पर उनकी सैलरी से पैसे काटे जाते थे और उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाता था. महिला को ग्राहक से साथ जाने को भी कहा जाता था.

पीड़ित महिला ने अदालत को बताया कि वह वापस बांग्लादेश जाना चाहती है. लेकिन उसे पहले 4 लाख बांग्लादेशी टका देने को कहा जा रहा है. उनमें से एक महिला मई 2016 में पांच महीने काम करने के बाद नाइट क्लब से भाग गई थी, जबकि उसके बाद दो महिलाओं ने काम करना बंद कर दिया था. दोषी के वकील जयकुमार नायडु ने कहा है कि वह फैसले के खिलाफ अपील की तैयारी कर रहे हैं. नए कानून के मुताबिक मानव तस्करी के लिए 10 साल तक जेल हो सकती है.

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