Friday, September 24, 2021
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कोरोनावायरस : चीन को निर्यात होने वाले चिकित्सा उपकरणों पर भारत का प्रतिबंध, कहा- संक्रमण रोकने के लिए एहतियात बरता

नई दिल्ली. विदेश मंत्रालय ने रविवार को कहा कि भारत में कुछ चिकित्सा उपकरणों की कम आपूर्ति को देखते हुए चीन में इनके निर्यात पर कुछ प्रतिबंध लगाए गए हैं। कोरोनावायरस के प्रकोप को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की सलाह के अनुसार ही एहतियाती कदम उठाए गए हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा- भारत ने कोरोनावायरस संक्रमण को लेकर डब्ल्लूएचओ की सलाह के अनुसार कदम उठाए हैं। एक अरब से ज्यादा आबादी वाले भारत कि किसी अन्य देश की तरह जिम्मेदारी बनती है कि वह कोरोनावायरस का संक्रमण रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए। इससे अगर सही तरीके से नहीं निपटा गया तो यह पूरी दुनिया के लिए खतरा बन सकता है।

रवीश कुमार का बयान चीनी चिकित्सा संस्थानों, चैरिटी संगठनों और स्थानीय अधिकारियों के जवाब में आया है, जिन्होंने कहा था कि भारत मेडिकल उत्पादों का निर्यात रोक रहा है, जो चीन में महामारी की रोकथाम के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है।

चीनी दूतावास ने उम्मीद जताई थी कि भारत जल्द व्यापार शुरू करेगा

इससे पहले भारत में चीनी दूतावास ने कहा था कि हमें उम्मीद है कि भारत चीन में कोरोनावायरस के संक्रमण के कारण पैदा हुई स्थिति की समीक्षा उद्देश्यपूर्ण और तर्कसंगत तरीके से करेगा। साथ ही दोनों देशों के बीच लोगों के आवागमन और व्यापार को जल्द से जल्द फिर से शुरू करेगा।

‘डब्ल्यूएचओ ने हर तरह के प्रतिबंधों का विरोध किया है’

चीनी दूतावास ने कहा कि डब्ल्यूएचओ ने संक्रमण के बाद चीन में किसी भी प्रकार के यात्रा और व्यापार प्रतिबंधों का कई बार विरोेध किया है। सभी पक्षों को डब्ल्यूएचओ की सिफारिशों का पालन करना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि भारत तर्कसंगत और शांतिपूर्ण तरीके से हालात की समीक्षा करेगा और जल्द ही व्यापार और कर्मियों का आदान-प्रदान शुरू करेगा।

‘जान-बूझकर फ्लाइट क्लीयरेंस नहीं देने जैसी कोई बात नहीं’

इससे पहले संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित वुहान से भारतीयों को निकालने के लिए सरकार ने 20 फरवरी को सैन्य विमान भेजने का फैसला किया था। लेकिन वायुसेना के इस विमान को चीनी अफसरों की तरफ से क्लीयरेंस नहीं मिल पाया। भारतीय अफसरों का कहना है कि दुनिया के कई देश चीन को मदद और अपने नागरिकों को लाने के लिए फ्लाइट्स भेज रहे हैं। सभी को चीन अनुमति दे रहा है, लेकिन भारतीय रिलीफ फ्लाइट्स को परमिशन नहीं दी जा रही। इस पर चीनी दूतावास ने कहा- हुबेई में हालात जटिल हैं और बीमारी की रोकथाम के इंतजाम के लिए युद्धस्तर पर काम जारी है। जान-बूझकर फ्लाइट क्लीयरेंस नहीं देने जैसी कोई बात नहीं है।

चीन के बाहर सबसे ज्यादा संक्रमण के मामले द. कोरिया में

चीन के बाहर सबसे ज्यादा प्रभावित दक्षिण कोरिया में एक दिन में 161 नए मामले सामने आए। देश में अब तक 761 मामले सामने आ चुके हैं। योनहाप न्यूज एजेंसी ने कोरिया सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (केसीडीसी) के हवाले से बताया कि डेगू शहर जहां करीब 25 लाख लोगों को घर में रहने के लिए कहा गया है। यहां सोमवार सुबह संक्रमण के मामलों में 131 से 457 तक की बढ़ोतरी देखी गई।

चीन के अधिकारियों ने सोमवार को कहा- देश में कोरोनावायरस से अब तक 2592 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि संक्रमण के 77,150 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। रविवार को 409 नए मामले सामने आए। वहीं, 150 लोगों की मौतें दर्ज की गईं, जिसमें हुबेई में सबसे ज्यादा 149 लोग मारे गए। रविवार को 24,734 लोगों को अस्पताल से छुट्टी मिली।

पाकिस्तान ने ईरान के साथ अपनी सीमा बंद की

ईरान में कोरोनावायरस से होने वाली मौतों को देखते हुए पाकिस्तान ने पड़ोसी देश के साथ अपनी सीमा को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। बलूचिस्तान प्रांत में इंट्री पॉइंट्स पर सख्त स्क्रीनिंग के बिना किसी को भी पाकिस्तान में नहीं आने देने का फैसला किया गया है।

ईरान ने कोई प्रतिबंध नहीं लगाया

ईरान में छह लोगों की मौत और संक्रमण के 28 मामले सामने आने के बाद पाकिस्तान ने यह कदम उठाए हैं। पाकिस्तान में अब तक कोरोनावायरस से संक्रमण के एक भी मामले सामने नहीं आए हैं। गृह मंत्री जियाउल्लाह लांगोव ने कहा कि हमने तफ्तान, ग्वादर, तुर्बत, पंजगोर और वाशुक पांचों इंट्री पॉइंट्स बंद कर दिए हैं। हालांकि, ईरान की सरकार ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तान से यात्रा पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है, उनकी सीमा खुली हुई है।

इटली में 152 संक्रमित
इटली में रविवार तक कोरोनोवायरस के संक्रमितों की संख्या 152 हो गई है। वहीं, अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। वायरस के ज्यादातर मामले लोम्बार्डी प्रांत और पड़ोस के वेनेटो क्षेत्र में सामने आए हैं। इटली के प्रधानमंत्री गिउसेपे कोंटे ने कहा कि उन्हें देश में वायरस के मामलों के इतनी तेजी से बढ़ने का अंदाजा नहीं था और इसे बढ़ने से रोकने के लिए किए गए उपायों के परिणाम अगले दो हफ्तों में नजर आने लगेंगे। हमें लगता है कि कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए गए उपायों के परिणाम अगले 14 दिनों में दिखाई दे सकते हैं। हम हजारों लोगों की चिकित्सा जांच कर रहे हैं।

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