Saturday, September 25, 2021
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International Anti Corruption Day 2019: जानिए आखिर क्यों मनाया जाता है यह दिवस

नई दिल्ली। पूरे देश में आज अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस मनाया जा रहा है। जिस तरह से भ्रष्टाचार ने समाज को खोंखला कर रखा है और विकास में बाधा डाल रहा है तो आज के इस संदर्भ में काफी जरुरत है कि इस दिवस को मनाया जाए और इसके खिलाफ जमकर कदम उठाया जाए।

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भ्रष्टाचार एक दीमक की तरह है जो हमारे समाज को, हमारी अर्थव्यवस्था को और पूरे देश को अंदर ही अंदर दीमक की तरह खा रहा है। यह समाज और देश के विकास में बड़ी बाधा है। दुनिया के ऐसे कई देश है जो कि इस समस्या से ग्रसित है। इसी को ध्यान में रखते हुए 31 अक्टूबर, 2003 को भ्रष्टाचार के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र के सम्मेलन में प्रस्ताव पारित हुआ था। उसके बाद से हर साल 9 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस मनाया जाता है। इसका मुख्य मकसद भ्रष्टाचार के बारे में लोगों के बीच जागरूकता फैलाना है ताकि लोग जागरुक हो और भ्रष्टाचार का विरोध करें।
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इस संदर्भ में ये जानना जरुरी है कि आखिर भ्रष्टाचार है क्या? आम शब्दों में कहें तो भ्रष्टाचार का मतलब है कि किसी जायज या नाजायज काम को करने के लिए दिया जाने वाला अनुचित लाभ। यह लाभ आर्थिक रूप में हो सकता है जिसे रिश्वत कहते हैं या किसी और तरह से भी हो सकता है। उदाहरण के लिए आपको पहचान पत्र बनवाना है। आप निर्धारित दफ्तर में इसको बनवाने जाते हैं लेकिन वहां आप से पैसे की मांग की जाती है जबकि सरकारी अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वह आपका काम मुफ्त में करे। कई बार अनैतिक काम भी पैसे लेकर किया जाता है जो भ्रष्टाचार के दायरे में आता है। एक अनुमान के मुताबिक, दुनिया भर में हर साल 1 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 70 लाख करोड़ रुपये हर साल घूस के तौर पर दिया जाता है। वहीं भ्रष्टाचार के माध्यम से करीब 300 लाख करोड़ रुपये की हर साल चोरी की जाती है जो दुनिया भर की जीडीपी का करीब पांच फीसदी है।

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खासतौर पर विकासशील देशों के लिए यह सबसे गंभीर अपराध है। इससे सामाजिक और आर्थिक विकास की रफ्तार धीमी होती है। इससे राष्ट्रीय सुरक्षा भी प्रभावित होती है। करोड़ों लोग उचित शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल सुविधा और अन्य जनसुविधाओं को हासिल नहीं कर पाते हैं। अगर, भ्रष्टाचार की बात आती है तो इसके लिए जितना सरकारी सिस्टम जिम्मेदार है, उतना ही आम आदमी और निजी कंपनियां भी शामिल हैं। कई बार आम आदमी भी झंझट, परेशान और समय की बचत करने के लिए अधिकारियों की नाजायज मांग को मान लेता है। इस तरह से वह भ्रष्टाचार को बढ़ावा देता है। कई बार प्राइवेट कंपनियां भी ऐसा करती हैं।

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अगर आपसे किसी सरकारी विभाग में घूस की मांग की जाती है तो आप उस विभाग प्रमुख को सूचना दे सकते हैं या भ्रष्टाचार विरोधी शाखा या फिर सतर्कता आयोग से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए केन्द्र की मोदी सरकार ने कई नई पॉलिसी बनाई है और हेल्पलाइन नंबर्स जारी किए है जिसके तहत भ्रष्टाचारियों को आसानी से पकड़ा जा सकता है। बस जरुरत है इस दिशा में ठोस कदम उठाने की और नागरिकों को पहल करने की ताकि भ्रष्टाचारियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।

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