Monday, September 27, 2021
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केंद्रीय बजट में झारखंड : केंद्रीय करों के रूप में झारखंड को 3000 करोड़ ज्यादा मिलने की उम्मीद

रांची. केंद्रीय बजट 2020-21 में केंद्रीय करों से मिलने वाले पैसे में राज्य की हिस्सेदारी 0.213 फीसदी बढ़ी है। 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा पर केंद्रीय करों में पिछले वर्ष की तुलना में झारखंड की हिस्सेदारी में करीब 3000 हजार करोड़ की वृद्धि का अनुमान है। एनके सिंह की अध्यक्षता वाले 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा को औपबंधिक रूप से 2020-21 के बजट में शामिल करने से झारखंड की हिस्सेदारी 0.213 फीसदी की वृद्धि होगी।

2019-20 में यह 3.139 फीसदी था। 2020-21 में यह बढ़कर 3.352 फीसदी हो गया है। झारखंड के लिए 14 वें वित्त आयोग के फार्मूले (3.139 फीसदी) से 2018-19 में 23906 करोड़ रुपए मिला था। 2019-20 में 29000 करोड़ का अनुमान है। केंद्रीय बजट 2020-21 में केंद्रीय करों से होने वाली आय में से राज्यों की दी जाने वाली हिस्सेदारी को 42 फीसदी से घटाकर 41 फीसदी किया गया है। आर्थिक सर्वेक्षण में केंद्रीय करों की आय वसूली में कमी बताई गई है। इससे चालू वित्तीय वर्ष की तुलना में 3000 करोड़ की ही बढ़ोतरी हो सकती है।

रांची में बनेगा आइकॉनिक ट्राइबल म्यूजियम
बजट में झारखंड की आदिवासी संस्कृति से देश व दुनिया को अवगत कराने के लिए रांची में आइकॉनिक ट्राइबल म्यूजियम निर्माण की घोषणा की गई है। इससे ट्राइबल कल्चर को बढ़ावा मिलेगा अौर पर्यटन के क्षेत्र में भी विकास होगा।

आदिवासी विकास के लिए 53700 करोड़

जनजातीय मामलों के केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा है कि जनजातियों के विकास के लिए केंद्रीय बजट में अनुसूचित जनजातियों के विकास के लिए 53,700 करोड़ का प्रावधान किया गया है। यह बजट स्वागत योग्य है।

मांगा ट्राइबल यूनिवर्सिटी, मिला म्यूजियम

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आम बजट को लोगों की उम्मीदों के विपरीत बताया है। उन्हाेंने कहा- मैंने प्रधानमंत्री से मिलकर झारखंड में ट्राइबल यूनिवर्सिटी खोलने की मांग रखी थी लेकिन बजट में ट्राइबल म्यूजियम मिला।

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