थाइलैंड से आ रहे IT कंपनी से जॉब के ऑफर; तो हो जाएं अलर्ट, सरकार ने चेताया

0
66

विदेशों में आईटी सेक्टर की फर्जी नौकरियों को लेकर भारत सरकार ने युवाओं को आगाह किया है. थाईलैंड में नौकरी का झांसा देकर धोखे से म्यांमार ले जाए गए 100 से ज्यादा भारतीयों का मामला सामने आने के बाद विदेश मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी कर लोगों से सतर्क रहने के लिए कहा है. युवाओं को विदेशों में आकर्षक नौकरी प्रस्तावों  को ठीक से जांचने परखने की दी गई सलाह दी गई है. विदेश मंत्रालय ने कहा है कि बीते दिनों ऐसे कई मामले सामने आए जिनमें भारत से आईटी क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं को धोखा देकर म्यांमार पहुंचाया गया. बेहद खराब हालात और तनावपूर्ण माहौल में वहां साइबर ठगी के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों ने उनका इस्तेमाल किया.

 

सूत्रों के मुताबिक इस काम में म्यांमार के भीतर सक्रिय कई चीनी गिरोहों की भी भूमिका मानी जा रही है. इसमें दुबई और भारत में मौजूद कई नौकरी एजेंटों की भूमिका भी तलाशी जा रही है. हालांकि, भारत सरकार ने म्यांमार में फंसे करीब 32 नागरिकों को शोषण के इस चंगुल से निकाल लिया है, साथ ही अन्य लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए भी प्रयास चल रहे हैं. इस बीच विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने और नौकरी के नाम पर इस तरह की धोखाधड़ी के मामलों पर म्यांमार और थाईलैंड सरकार से भी संपर्क किया है.

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने म्यांमार में ‘अवैध रूप से बंधक’ बनाए गए भारतीयों को बचाने और वापस लाने के लिए बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप करने की मांग की थी. उन्होंने दावा किया था कि इन भारतीयों से जबरन अवैध कार्य कराए जा रहे हैं.स्टालिन ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखी चिट्ठी में कहा था कि राज्य सरकार को करीब 50 तमिलों सहित करीब 300 भारतीयों के म्यांमा में फंसे होने की सूचना मिली है, जो बहुत मुश्किलों का सामना कर रहे हैं. वहीं, गुरुवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा था कि म्यांमार में फंसे भरतीयों को लेकर मदद का पूरा प्रयास हो रहा है और उनसे संपर्क बनाए हुए हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here