चेन्नई के एक भारतीय आप्रवासी की 56 वर्षीय बेटी हैरिस ने अमेरिका की उपराष्ट्रपति चुनी जाने वाली पहली अश्वेत अमेरिकी महिला बनकर इतिहास रच दिया है। बता दें कि भारतीय मूल के राजनेता पिछले कई दशकों में दुनियाभर के कई देशों मॉरीशस से फिजी तक के प्रमुख के चुने गए हैं। अमेरिका की उपराष्ट्रपति के तौर पर हैरिस इनमें से अब तक की सबसे शक्तिशाली राजनेता होंगी।

बाइडेन ने ट्विट करके देश में एकता का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह हमारा वक्त है, हम सभी के साथ मिलकर अपने देश का नया, साहसिक और करुणामय अध्याय लिखने का समय है। कोरोना वायरस के प्रसार को धीमा करने की ज़िम्मेदारी हम सभी के ऊपर है। हमारा हर फैसला मायने रखता है। हमारे द्वारा किया गया कोई भी निर्णय एक जीवन बचा सकता है। हमें कोरोना के खिलाफ जंग में एकजुट होना होगा। याद रखिए हम सभी इसमें एक साथ हैं।

बता दें कि अमेरिका कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के अनुसार  दुनियाभर में कोरोना संक्रमण के अब  तक छह करोड़ 15 लाख से ज्यादा मामले सामने आ गए हैं। वहीं 14 लाख 41 हजार लोगों की मौत हो गई है। अमेरिका में अब तक एक करोड़ 30 लाख से ज्यादा मामले सामने आ गए हैं और दो लाख 64 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। देश में रोजाना दुनियाभर में सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं।