Tuesday, September 28, 2021
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ऐलान : कैप्टन बोले-किसी भी सूरत में बंद नहीं होने देंगे करतारपुर कॉरिडोर, सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ पीएम मोदी से मिलेंगे

चंडीगढ़. पाकिस्तान के करतारपुर स्थित पवित्र गुरुघर का मुद्दा एक बार फिर गर्माया हुआ है। इस पर प्रदेश के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने साफ कह डाला कि किसी भी सूरत में कॉरिडोर को बंद नहीं होने दिया जाएगा। इस मसले पर एक और पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता के बयान को लेकर राजनैतिक बवाल मचा हुआ है, वहीं एक मांग ऐसी भी है, जिस पर सभी पार्टियों के नेता एकमत हैं। मंगलवार को विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सभी दलों की सहमति से प्रस्ताव पारित किया गया कि जल्द ही मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेगा और मांग करेगा कि कॉरिडोर से जाने पर पासपोर्ट की अनिवार्यता और 20 डॉलर फीस की शर्तें हटाई जाएं।

दरअसल, भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बाद दोनों देशों की सरकारों द्वारा की गई पहल के बाद पाकिस्तान के करतारपुर में स्थित गुरुद्वारे के लिए एक स्पेशल कॉरिडोर का निर्माण हुआ। बीते 9 नवंबर 2019 को इस आधिकारिक रूप से खोल दिया गया और इसके रास्ते अब तक लगभग 51 हजार श्रद्धालु पाकिस्तान जाकर आ चुके हैं। इस मसले पर मंगलवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने साफ किया गया किसी भी सूरत में इस कारिडोर को बंद नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने पाकिस्तान की हरकतों पर कड़ी नजर रखने की सलाह भी दी।

हालांकि बीते कई दिन से पंजाब पुलिस के प्रमुख दिनकर गुप्ता के करतारपुर कॉरिडोर को लेकर दिए बयान पर बवाल मचा हुआ है। शुक्रवार को एक मीडिया हाउस के कार्यक्रम में गुप्ता कहा था, ‘करतारपुर में ऐसी क्षमता है कि अगर आप किसी व्यक्ति को सुबह भेजते हैं तो शाम तक वह प्रशिक्षित आतंकी के तौर पर लौट सकता है, वहां जाने वाला छह घंटे तक रहता है, इतने में बम बनाने की ट्रेनिंग ले सकता है’।

हंगामे के बाद दिया गुप्ता ने स्पष्टीकरण
गुप्ता की टिप्पणी पर शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने की मांग की थी। इसी के चलते गुप्ता ने शनिवार को कहा कि उनका बयान पूरी तरह से पंजाब और भारत की सुरक्षा से जुड़ा हुआ था और इसका किसी धर्म या समुदाय से कोई लेना-देना नहीं है।

विधानसभा में गूंजा मुद्दा

बावजूद इसके सोमवार और मंगलवार को विधानसभा के सत्र के दौरान भी यह मसला काफी विवाद का कारण रहा। इस पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि डीजीपी को ऐसी बात नहीं कहनी चाहिए थी। साथ ही यह भी कहा कि गुप्ता अपनी बात पर खेद प्रकट कर चुके हैं तो अब यह मुद्दा बहस का मुद्दा नहीं रहता। इस दौरान कॉरिडोर के रास्ते पाकिस्तान जाने वाले श्रद्धालुओं से 20 डॉलर फीस वसूले जाने और उनके लिए पासपोर्ट की अनिवार्यता होने की शर्त के मसले पर भी चर्चा हुई।

विधायक वडाला ने दिया सुझाव
श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़े इस मुद्दे पर विधायक गुरप्रताप सिंह वडाला की तरफ से दिए गए खुले दर्शन-दीदार संबंधी सुझाव पर सभी दलों के विधायकों ने सहमति जताई। तय किया गया कि केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संज्ञान में लाया जाएगा। इस पर सभी दलों ने सहमति जताते हुए प्रस्ताव पारित किया कि सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल जल्द ही प्रधानमंत्री से मिलकर इन दोनों शर्तों को हटाने की मांग रखेगा।

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