शनिवार को सरकार के साथ किसान संगठनों के बीच हुई बैठक हां और ना के बीच अटककर बेनतीजा रही। यह पांचवें दौर की बैठक थी। इस दौरान किसानों ने, पिछली बैठक में जिन बिंदुओं पर सहमति बनी थी उन्हें भी नकार दिया। किसान लगातार तीनों कृषि कानूनों को समाप्त करने की मांग पर अड़े हुए हैं।

किसानों के भारत बंद का विपक्षी दलों ने किया समर्थन

किसान संगठनों द्वारा आठ दिसंबर को भारत बंद का आह्वान किया गया है, जिसमें उन्हें विपक्षी दलों का भी समर्थन मिल रहा है। वहीं, किसानों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में कुछ दलों द्वारा प्रदर्शन भी किया गया। ऑल इंडिया किसान फेडरेशन के अध्यक्ष प्रेम सिंह ने कहा है कि आठ दिसंबर को जबर्दस्त भारत बंद किया जाएगा। वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी का कहना है कि एमएसपी और एपीएमसी एक्ट के बिना बिहार में किसान परेशानी में हैं और अब पूरे देश को कुएं में धकेल दिया गया है। कांग्रेस ने पीएम मोदी से कहा कि वह किसानों के सब्र की परीक्षा न लें। उधर, राजद, तृणमूल कांग्रेस, वामपंथी दलों और दस केंद्रीय श्रमिक संघों के संयुक्त मंच भी बंद का समर्थन कर रहे हैं जबकि द्रमुक नेता एमके स्टालिन ने तमिलनाडु में इसका विरोध प्रदर्शन किया है।