जाने- किन बीमारियों में करना चाहिए घी का सेवन

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घी हेल्दी फैट से भरपूर होता है. आप इन्हें गुड फैट्स भी कह सकते हैं. यही कारण है कि घी का सेवन करने से बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर नहीं बढ़ता बल्कि नसों की लचक यानी फ्लैग्जिब्लिटी और स्ट्रेंथ बढ़ती है. इसलिए हार्ट को हेल्दी रखने के लिए देसी घी खाने की सलाह दी जाती है, खासतौर पर गाय का घी खाने की. अब आप सोचेंगे कि बात तो थायरॉइड की हो रही है ये हार्ट डिजीज बीच में कहां से आ गई!

 जिस तरह यह एक गलतफहमी है कि घी खाने से हार्ट की बीमारियों का खतरा बढ़ता है क्योंकि घी तो चिकनाई है, फैट है. इसी तरह यह भी एक बहुत बड़ा भ्रम है थायरॉइड होने पर घी का सेवन नहीं करना चाहिए. जबकि वास्तविकता यह है कि देसी गाय का घी शरीर के अंदर हॉर्मोनल इंबैलेंस को दूर करने का काम करता है. इस कारण यह थायरॉइड की समस्या को भी नियंत्रित करता है. आखिरकार थायरॉइड डिजीज भी तो हॉर्मोन्स के असंतुलन का परिणाम ही है ना. तो यहां आज आप घी से जुड़े बहुत सारे डाउट दूर कर लीजिए और जानिए कि घी खाने से कौन-सी बीमारियां दूर रहती हैं और कैसे घी बीमारियों को ठीक करने में भी मदद करता है.

किन बीमारियों में करना चाहिए घी का सेवन?

  1. पाचन संबंधी समस्या होने पर
  2. मोटापा घटाने के लिए
  3. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए
  4. लैक्टोज इंटॉलरेंस होने पर
  5. हड्डियों की कमजोरी को दूर करने के लिए
  6. जोड़ों का दर्द होने पर
  7. शारीरिक कमजोरी दूर करने के लिए
  8. मानसिक थकान से बचने के लिए
  9. पीरियड्स संबंधी समस्या के इलाज में
  10. भूख कम लगती हो तो इसे बढ़ाने के लिए
  • घी के खाने के फायदे 
  • गाय के घी में ब्यूट्रिक एसिड (Butyric Acid)पाया जाता है. इसके सेवन से शरीर में पाई जाने वाली टी-सेल्स की संख्या में वृद्धि होती है. क्योंकि शरीर को ये कोशिकाएं बनाने में ब्यूट्रिक एसिड चाहिए होता है. टी-कोशिकाएं, शरीर के अंदर बाहरी वातावरण से आने वाले वायरस, बैक्टीरिया या अन्य माइक्रोब्स से लड़ने का काम करती हैं. कोरोना भी एक ऐसा ही वायरस है.
  • गाय का घी शरीर के लिए एक प्राकृतिक मॉइश्चराइजर है, जो शरीर को अंदर से लुब्रिकेशन देता है और त्वचा में भी स्ट्रेचेब्लिटी, शाइन और लाइफ बढ़ाता है.
  • घी सिर्फ सेहत के लिहाज से ही नहीं बल्कि सौंदर्य के लिए भी बहुत लाभकारी होता है. क्योंकि घी के नियमित सेवन से स्किन डिजीज का खतरा कम होता है, शरीर में रूखापन भी नहीं आता और बालों की ग्रोथ भी अच्छी होती है. यहां तक कि हेयर फॉल कंट्रोल करने में भी मदद मिलती है.

 

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