Sunday, September 19, 2021
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झारखंड में कोराेना संक्रमण:राज्य में मिले 5961 नए काेराेना पॉजिटिव, 4665 लाेग स्वस्थ भी हुए; 130 मरीजों ने तोड़ा दम

झारखंड में काेराेना संक्रमण थम नहीं रहा है। पिछले 24 घंटे में फिर 5961 नए मरीज मिले। 130 लाेगाें की माैत भी हुई। हालांकि राहत की बात है कि 4665 लाेग ठीक भी हुए। स्वस्थ हाेने वालाें में पूर्वी सिंहभूम के 959 और रांची के 663 लाेग हैं। शुक्रवार काे मिले मरीजाें में सबसे ज्यादा 1297 संक्रमित रांची में मिले। वहीं, पूर्वी सिंहभूम में 1003 और हजारीबाग में 629 संक्रमित मिले। सबसे ज्यादा 45 माैतें भी रांची में हुईं। इसके अलावा धनबाद में 13, पूर्वी सिंहभूम में 12, बाेकाराे में 8, देवघर व लाेहरदगा में 6-6, खूंटी में 5, लातेहार में 4 लोगों की जान गई। वहीं, वैक्सीन नहीं मिलने की वजह से झारखंड में 18 से 44 साल के युवाओं काे शनिवार से काेराेना का टीका नहीं लगेगा।

राज्य में अब पॉजिटिव मरीजों की संख्या 2,27,450 हो गई है। वहीं, ठीक हाेने वालों की तादाद 1,69,033 पहुंची है

कहां कितने संक्रमित मिले
रांची 1297, पूर्वी सिंहभूम 1003, हजारीबाग 629, बोकारो 261, चतरा 44, देवघर 206, धनबाद 129, दुमका 29, गढ़वा 153, गिरीडीह 152, गोड्डा 132, गुमला 220, जामताड़ा 108, खूंटी 171, कोडरमा 181, लातेहार 172, लोहरदगा 121, पाकुड़ 22, पलामू 116, रामगढ़ 218, साहिबगंज 62 मरीज मिले।

18-44 साल के लाेगाें की संख्या करीब एक कराेड़ 57 लाख 36 हजार

इधर, राज्य सरकार इस काेशिश में है कि राज्य काे जल्दी टीका मिल सके, चाहे वह केंद्र के माध्यम से हाे या सीधे दवा कंपनियाें से। टीका मिलते ही राज्य में टीकाकरण की शुरुआत करने की घाेषणा हाे जाएगी। मुख्यमंत्री हेमंत साेरेन ने भी गुरुवार काे कहा था कि टीका उपलब्ध हाेते ही यहां वैक्सीनेशन शुरू कर दी जाएगी। बताते चलें कि स्वास्थ्य विभाग ने 18 साल से अधिक उम्र के लाेगाें के टीकाकरण के लिए तैयारी पूरी कर ली थी। इसके लिए करीब 253 केंद्र बनाए गए थे। लेकिन वैक्सीन निर्माता कंपनियाें ने वैक्सीन उपलब्ध कराने से हाथ खड़े कर दिए। वैसे सरकार इस काेशिश में है कि 20 मई तक वैक्सीन मिल जाए। झारखंड में 18 से 44 साल के लाेगाें की संख्या करीब एक कराेड़ 57 लाख 36 हजार है। सरकार का अनुमान है कि इस आयु वर्ग के लाेगाें के टीकाकरण पर करीब 500 कराेड़ रुपए खर्च हाेंगे।

अब शहरों से ग्रामीण इलाकों में पहुंची संक्रमण की चेन

वहीं, रांची सहित आसपास के इलाके में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। सबसे बुरी स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों की है। संक्रमित होने के बाद गांव के लोग न तो अपना कोरोना टेस्ट करवा रहे हैं और न ही सही तरीके से इलाज। जिन लोगों की स्थिति खराब हो रही है, वे अपने घरों में ही स्थानीय डॉक्टर (झोलाछाप) की सलाह पर दवा खा रहे हैं। तेज बुखार, बदन दर्द, स्वाद और सुगंध जाने के बाद भी इलाज के नाम पर ये सिर्फ पैरासिटामोल खा रहे हैं। अगर यही स्थिति बनी रही तो ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना संक्रमण बेकाबू हो जाएगा। क्योंकि एक घर में छह से सात लोग रह रहे हैं और बीमार को न आइसोलेशन में रखा जा रहा है और न ही सोशल डिस्टेसिंग का पालन किया जा रहा है। भास्कर रिपोर्टर ने रांची के ब्रांबे, चान्हो, मांडर, बेड़ो सहित सटे रिवा और कर्रा में कोरोना संक्रमण और पीड़ितों के इलाज की पड़ताल की तो यह सचाई सामने आई।

धनबाद सदर अस्पताल में ऑक्सीजन पाइपलाइन नहीं लगाने पर FIR

इधर, धनबाद सदर अस्पताल में ऑक्सीजन पाइपलाइन का काम समय पर पूरा नहीं करने वाली बाेकाराे की कंपनी मेडी प्राइम सर्विसेज के प्रबंधकाें धर्मेंद्र और गाैतम के खिलाफ जिला प्रशासन ने FIR दर्ज कराई है। सीओ सह इंसीडेंट कमांडर प्रशांत लायक की लिखित शिकायत पर दाेनाें काे आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत आराेपी बनाया गया है। FIR में कहा गया है कि 12 अप्रैल काे प्राधिकार ने कंपनी काे कार्यादेश दिया था। कार्यालय की ओर से कंपनी के दाेनाें पदाधिकारियाें काे बार-बार काम समय पर पूरा करने का रिमाइंडर भेजा गया। इसके बावजूद ऑक्सीजन पाइपलाइन का काम पूरा नहीं किया गया। इससे काेराेना संक्रमित मरीजाें के इलाज में काफी कठिनाई अा रही है। इसे देखते हुए दाेनाें के खिलाफ केस किया गया है। पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

जमशेदपुर ने अप्रैल में 240 लोगों को खोया, पहली लहर के 10 माह में हुई थीं 376 मौतें

वहीं, कोरोनाकाल के इतिहास में अप्रैल ने जमशेदपुरवासियों को सबसे ज्यादा रुलाया। क्योंकि इस महीने सबसे अधिक 135700 कोरोना संदिग्ध सैंपल की जांच हुई, जिसमें 15594 नए मरीज मिले हैं। इस महीने 100 सैंपल की जांच में 11.49 नए मरीज मिले हैं। वहीं, सरकारी आंकड़े के अनुसार 240 संक्रमितों की मौत हुई है। अप्रैल में करीब हर तीन घंटे में एक संक्रमित की मौत हुई है। जबकि पहले वेव के करीब 10 माह में 376 कोरोना मरीजों की मौत हुई थी। यानी अप्रैल में सैंपल जांच से लेकर नए मरीज मिलने व संक्रमितों की मौत के मामले में डरावना रिकॉर्ड बना है। अप्रैल के चार सप्ताह में तीसरे-चौथे सप्ताह डरावना है। 17-30 अप्रैल तक 11469 नए मरीज मिले हैं। वहीं, 147 लोगों की मौत हुई है। 1-7 अप्रैल के बीच 795 नए मरीज मिले और तीन लोगों की मौत हुई। जबकि दूसरे सप्ताह में नए मरीज मिलने के मामले में आंकड़ा तीन गुणा अधिक 2317 पहुंच गया। मौत के आंकड़ों में 10 गुणा बढ़ोतरी के साथ यह 30 हो गया। जो कोरोना के ग्रोथ का रिकॉर्ड है।

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