Saturday, September 25, 2021
Homeचंडीगढ़चंडीगढ़ में 'वॉक थ्रू बर्ड' एवियरी के खिलाफ लीगल नोटिस

चंडीगढ़ में ‘वॉक थ्रू बर्ड’ एवियरी के खिलाफ लीगल नोटिस

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के वकील और नयागांव निवासी गौरव चड्‌ढा ने सुखना कैचमेंट एरिया के इको सेंसेटिव जोन में बनाई जा रही वॉक थ्रू बर्ड एवियरी के खिलाफ प्रशासक के सलाहकार को लीगल नोटिस भेजा है। सलाहकार के अलावा यह नोटिस होम सेक्रेटरी और चीफ कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट्स को भी भेजा गया है। इसके निर्माण को पक्षियों के मौलिक अधिकारों का हनन बताते हुए नोटिस में इस बर्ड एवियरी के निर्माण को रोकने की मांग भी की गई है। बता दें कि वॉक थ्रू बर्ड एवियरी में 46 प्रजातियों के 1500 पक्षी रखने का प्लान है।

गौरव चड्‌ढा ने ये लीगल नोटिस वकील अरुण सिंगला के माध्यम से भेजा है। नोटिस में कहा गया है कि अधिकारियों की मिलीभगत से इस काम को मोहाली की एक कंपनी को बिना सही समझौते के दे दिया गया, जो कि नियमों के बिल्कुल खिलाफ है।

गुजरात और दिल्ली हाईकोर्ट के फैसलों का दिया हवाला

गुजरात हाईकोर्ट अब्दुल कादर मोहम्मद आजम शेख बनाम गुजरात सरकार का रेफरेंस देते हुए नोटिस में कहा गया है कि पक्षियों को आसमान में मनमाना उड़ने का मौलिक अधिकार है। दिल्ली हाईकोर्ट भी मामले में अपने आदेश स्पष्ट कर चुका है कि व्यवसायिक उद्देश्य से पक्षियों को पिंजरे में कैद करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।

काम पर रोक और किए गए निर्माण को गिराने की मांग

नोटिस में ये भी कहा गया है कि पिंजरे में पक्षियों को कैद करने की योजना पूरी तरह से एनिमल वेलफेयर बोर्ड के निर्देशों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि उनके पास इसके पर्याप्त दस्तावेज हैं कि इस बर्ड एवियरी के लिए पक्के निर्माण की इजाजत नहीं दी गई थी। बावजूद इसके यहां पक्का निर्माण किया जा रहा है। इसलिए इस काम पर रोक लगाने के आदेशों के अलावा अभी तक किए गए निर्माण को तुरंत प्रभाव से गिराया जाए। 10 दिन के अंदर अगर मामले में कोई कदम नहीं उठाया गया तो कोर्ट में उचित कार्रवाई के लिए आगे बढ़ेंगे।

मेनका गांधी भी लिख चुकी हैं बर्ड एवियरी का काम रोकने के लिए लेटर

इस बर्ड एवियरी को लेकर BJP की सांसद मेनका गांधी ने भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने प्रशासक वीपी सिंह बदनोर को लेटर भेजा है, जिसमें इस बर्ड एवियरी को बनाने का विरोध किया है। उन्होंने सुझाव दिया है कि इस काम को रोका जाए। पक्षियों की परचेज से लेकर बर्ड फ्लू को लेकर भी उन्होंने अपने लेटर में हवाला दिया है। कहा है कि पक्षियों की खरीद के लिए कोई ओपन मार्केट नहीं है। सिटी फॉरेस्ट में करीब 1500 विदेशी पक्षियों की बर्ड एवियरी होगी, जहां 46 प्रजातियों के पक्षी लोग देख सकेंगे।

वहीं सोमवार को चंडीगढ़ प्रशासन के फॉरेस्ट एंड वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट के अफसरों ने प्रशासक वीपी सिंह बदनोर के साथ मीटिंग कर बताया था कि बर्ड एवियरी को बनाने को लेकर सभी कानूनी पहलुओं को देखा गया है और उसी तरह से इसको लेकर काम किया गया है। अब चंडीगढ़ प्रशासन इस मामले में मिनिस्ट्री को रिपोर्ट भेजेगा। चीफ कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट व चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन देबिंद्र दलाई ने कहा कि सभी पहलुओं का ध्यान रखा गया है और जरूरी क्लेरिफिकेशन मिनिस्ट्री को भी भेजी जाएगी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments