Friday, September 17, 2021
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हरियाणा : खेमका की सीएम को चिट्‌ठी- मेरे तबादले जनहित में नहीं, पीएम से मिलने की इजाजत दी जाए

चंडीगढ़। 53 तबादले झेल चुके सीनियर आईएएस अशोक खेमका ने पहली बार कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने सीएम मनोहर लाल को चिट्‌ठी लिख कर कहा है कि अब शासन एक सेवा नहीं दे रही बल्कि व्यवसाय है। उन्होंने प्रधानमंत्री को जनता से जुड़े मुद्दे ब्रीफ करने के लिए मुख्यमंत्री से इजाजत मांगी है। साथ ही लिखा है कि मुझे उम्मीद है कि आप इस पत्र को कूड़ेदान में नहीं फेंकेंगे।

एक व्यक्ति की मर्जी से ट्रांसफर नहीं होना चाहिए
खेमका ने पत्र में लिखा है कि छोटा दिमाग ईमानदारी और प्रभावी तरीके से काम करने में बाधा बन रहा है। मेरे जैसे कुछ मूर्ख ही जनता के विश्वास के बारे में सोचेंगे और काम करेंगे। अनुरोध है कि अनुमति दें ताकि मैंने पत्र में जो लिखा है, उसे पीएम के सामने रख सकूं। आपके कार्यकाल के दौरान मेरे जो तबादले हुए, वे जनहित में नहीं बल्कि व्यक्तिगत व गैर पारदर्शी हैं। एक व्यक्ति की मर्जी से ट्रांसफर नहीं होना चाहिए। तबादले में सिविल सर्विस बोर्ड के नियमों की डेथ है। सरदार पटेल का अनुच्छेद-312 के तहत अखिल भारतीय सेवा के जरिए एक मजबूत भारत का सपना चकनाचूर करना है। मैंने तबादलों को चुपचाप झेला है।

जीआईएएस के टेंडर कर रहे करप्शन की ओर से इशारा
पत्र में लिखा है कि जीआईएस के जो टेंडर हुए हैं, वे वित्तीय करप्शन की ओर इशारा करते हंै। अर्बन लोकल बॉडी ने 103 करोड़ के टेंडर किए हैं, वे हरसेक की कीमत से 84% ज्यादा हैं। इंडस्ट्री एंड कॉमर्स, फॉरेस्ट, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की ओर से प्राइवेट एजेंसियों से कराया जाने वाला काम हरसेक के द्वारा पहले ही किए जा चुके काम की नकल करता है, यानि ये काम पहले ही हो चुका है।

भ्रष्ट सेवा में आगे बढ़ते हैं
खेमका ने पत्र में लिखा है कि भ्रष्ट सेवा में आगे बढ़ते हैं। सेवानिवृत्ति के बाद भी पुरस्कृत किए जाते हैं। लेकिन ईमानदार महत्वहीन पदों पर लगाए जाते हैं। 2014 के चुनाव में कांग्रेस के शासन काल में हुए भूमि सौदे को उठाया गया। उनका क्या रहा है। बता दें कि खेमका और सीएम एसीआर के मामले में आमने-सामने हाे चुके हैं। खेमका की एसीआर में उनके महकमे के तत्कालीन मंत्री अनिल विज की ओर से 9.92 अंक दिए जाने के साथ उनके काम की तारीफ में टिप्पणी भी की गई थी। बाद में सीएम ने अंक घटाकर 9 करके टिप्पणी की थी कि उनके बारे में मंत्री की ओर से बढ़ा चढ़ाकर लिखा गया है।

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