Tuesday, September 28, 2021
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गुजरात बस संचालकों को करोड़ों का नुकसान:2000 ड्राइवर और कंडक्टर बेराेजगार; कई बस संचालकों को धंधा बदलना पड़ा

पिछले डेढ़ महीनों से कोरोना के कारण लगे सख्त कर्फ्यू और मिनी लॉकडाउन का असर टूरिस्ट क्षेत्र में इस कदर पड़ा है कि स्थिति बदतर हो चली हैं। दिसंबर-जनवरी में जहां धीरे-धीरे लोगों का टूरिज्म के प्रति रुझान बढ़ने लगा था और बसों की बुकिंग शुरू होने लगी थी। लेकिन जैसे ही अप्रैल से सख्त कर्फ्यू और मिनी लॉकडाउन लगाया गया।

शहर के संचालकों को हर दिन हो रहा 15 लाख का नुकसान।

उससे प्वाइंट टू प्वाइंट चलने वाली टूरिस्ट सर्विस बसों की स्थिति फिर से बदतर होने लगी है। केवल पिछले डेढ़ महीनों में ही राज्य भर में 120 करोड़ का नुकसान हो चुका हैं। जबकि सूरत में 21 करोड़ का नुकसान हो गया हैं।

दरअसल शादियों का सीजन था, जिसमें बसों की बुकिंग भी हुई थी। लेकिन जैसे ही कोरोना का भयंकर प्रकोप फैला उसके बाद से सभी बुकिंग रद्द होने लगी। स्थिति यह है कि अब बसों को नॉन यूज में कन्वर्ट कर दिया गया है और बसों को खड़ा दिया गया है। रोजाना लाखों के नुकसान होने से लगभग 900 बस संचालकों को अपना व्यापार बदलना पड़ा है और इन बसों में काम करने वाले लगभग 2 हजार लोग बेरोजगार हो गए हैं।

ऐसे हो रहा बसों काे नुकसान

  • 18,000 लग्जरी निजी बसें गुजरात में 12000 बसें खड़ी
  • 3500 लग्जरी निजी बसें सूरत में 750 प्रभावित
  • 90,000 रुपए का खर्च प्रत्येक बस के पीछे
  • 800 करोड़ रु. के टूर पैकेज का गुजरात में नुकसान

रोजाना 15 लाख का नुकसान
मिनी लॉक डाउन से शहर में चलने वाली बसों को रोजाना 15 लाख के नुकसान हो रहा है। बस संचालकों ने बताया कि स्टाफ का खर्चा भी पिछले महीने भर से नहीं निकल पा रहा है। कोरोना के बाद अक्टूबर महीने से बुकिंग की डिमांड बढ़ने लगी थी, जिससे हमने जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई धीरे-धीरे होने लगी थी।

लेकिन अब अप्रैल से नाइट कर्फ्यू और मिनी लॉक डाउन से फिर से लोगों में लॉकडाउन का खौफ बैठने लगा, बसें खड़ी होने पर मजबूर होने लगी है। पिछले साल के मुकाबले 10 प्रतिशत भी बुकिंग नहीं मिल सकी और जो मिली हैं उनमें अधिकतर शार्ट टूर वाले पैकेज है। जो राज्य के अंदर के ही थी। लॉन्ग डिस्टेंस वाले सभी पैकेज टूर बकेट खाली पड़े हैं यानि बुकिंग न के बराबर को सकी है। मिनी लॉक डाउन से अब स्थिति फिर से वैसे ही होने लगी है। सभी बसें खड़ी हो चुकी हैं।

2019 में इसी मंथ में लॉन्ग डेस्टिनेशन टूर पैकेज के लिए 70 करोड़ की बुकिंग

सूरत से बस टूर पैकेज

  • गोवा 122 ट्रिप
  • केरला 91 ट्रिप
  • हरिद्वार 42 ट्रिप
  • दिल्ली 133 ट्रिप
  • मनाली 50 ट्रिप
  • राजस्थान 223 ट्रिप
  • उत्तराखंड 79 ट्रिप

12 हजार बसें पूरे राज्य में प्रभावित

अखिल गुजरात वाहन संचालक महामंडल के अनुसार पूरे गुजरात राज्य में कुल 12 हजार बसें ऑपरेट होती हैं। इसमें से लगभग 750 बसें सूरत से ऑपरेट होती हैं। जो राज्य के विभिन्न शहरों इसके अलावा राजस्थान, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के लिए रवाना होती हैं। यह बसें प्वाइंट टू प्वाइंट लॉन्ग डिस्टेंस पर चलती है लेकिन अब स्थिति यह है कि ये बसें पूरी तरह से ठप पड़ चुकी हैं। बसों की बड़ी संख्या में बुकिंग रद्द हो गई है।

अभी तक टैक्स में छूट का आश्वासन तक नहीं मिला है

हमने सरकार से मांग रखी है कि कोरोना के कारण साल भर व्यापार नहीं हुआ हैं। ऐसे में टैक्स की छूट मिले लेकिन अब तक आश्वासन भी नहीं मिला है। अब अप्रैल से कर्फ्यू मिनी लॉक डाउन के कारण हमारी सभी बसें पूरी तरह से प्रभावित हो गई है। स्थिति यह है कि केवल डेढ़ महीने में भारी नुकसान हुआ है, हमारे लोग बेरोजगार बैठे हैं। यहां तक कि कईयों ने अपने अपने व्यापार बदल दिए है और मरने की नौबत आ चुकी है।

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