लखलऊ : पदक विजेता दिव्या काकरान का सम्मान करेगी UP सरकार

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यूपी सरकार ने बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीतने वाली दिव्या काकरान का सम्मान करने का फैसला किया है। मुजफ्फरनगर की रहने वाली दिव्या को योगी सरकार 50 लाख रुपए बतौर इनाम देगी। दिव्या काकरान दिल्ली से खेलती है लेकिन दिल्ली सरकार ने उन्हें यूपी का बताकर पल्ला झाड़ लिया था।दरअसल, कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए कुश्ती में कांस्य जीतने वालीं दिव्या काकरान ने दिल्ली के मुख्यमंत्री से मदद मांगी थी। इसके बाद इस मुद्दे पर राजनीति बढ़ने लगी है। आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने ट्विटर पर उन्हें यूपी का खिलाड़ी बताया तो दिव्या ने उन्हें सबूत दिखाते हुए दावा किया कि वे दिल्ली के लिए 2011 से खेल रही हैं। लेकिन उन्हें अभी तक दिल्ली सरकार से कोई आर्थिक मदद या सहयोग नहीं मिला है। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली के सीएम से आर्थिक मदद की मांग की।

इसके बाद आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने कुछ मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए ट्विटर पर दिव्या से कहा, ” बहन, पूरे देश को आप पर गर्व है। लेकिन मुझे याद नहीं आता कि आप दिल्ली की तरफ से खेलती हैं। आप हमेशा उत्तर प्रदेश की तरफ से खेलती आईं हैं। लेकिन खिलाड़ी देश को होता है। योगी आदित्यनाथ जी से आप को सम्मान की उम्मीद नहीं है। मुझे लगता है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री आपकी बात जरूर सुनेंगे।”इसके बाद सीएम योगी की ओर से बकायदा ट्वीट कर यह घोषणा की गई कि दिव्या का सम्मान भी यूपी सरकार करेंगी। दरअसल, यूपी सरकार ने कॉमनवेल्थ में मेडल जितने वाले खिलाडियों को सम्मान करने का फैसला किया है। उत्तर प्रदेश के 8 खिलाड़ियों ने देश के लिए मेडल्स जीतकर न सिर्फ देश का बल्कि प्रदेश का भी गौरव बढ़ाया है। इन सभी पदकवीरों के साथ ही दिव्या का भी उत्तर प्रदेश सरकार सम्मान करेगी।

देश सरकार ने नई खेल नीति के तहत हाल ही में घोषणा की थी कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मेडल्स जीतने वाले खिलाड़ियों को उचित सम्मान और पद से नवाजा जाएगा।इसके तहत, स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ी को एक करोड़ रुपए, रजत पदक विजेता को 75 लाख रुपए और कांस्य पदक जीतने वाले को 50 लाख रुपए का नकद ईनाम दिया जाएगा। साथ ही, सभी पदकवीरों को राजपत्रित अधिकारी का पद भी दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश के 8 खिलाड़ी इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने में कामयाब रहे हैं या फिर पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं। 10 किमी. पैदल चाल में जहां मेरठ की प्रियंका गोस्वामी ने रजत पदक जीता है तो वहीं रजत पदक जीतने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम में मेरठ की दीप्ति शर्मा और बिजनौर की मेघना सिंह भी शामिल रही हैं। 

इसके अलावा, रजत पदक विजेता भारतीय पुरुष हॉकी टीम में वाराणसी के ललित उपाध्याय ने भी अहम भूमिका निभाई। वाराणसी के जूडोका विजय कुमार यादव, मुजफ्फरनगर की पहलवान दिव्या काकरान, मेरठ की भाला फेंक खिलाड़ी अन्नू रानी एवं महिला हॉकी टीम की सदस्य वंदना कटारिया ने देश के लिए कांस्य पदक जीतने में सफलता पाई है।पदकवीरों के साथ-साथ कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सेदारी के लिए भी 5 खिलाड़ियों को भागीदारी राशि के तौर पर 5-5 लाख रुपए प्रदान किए जाएंगे। इनमें मेरठ की चक्का फेंक (डिस्कस थ्रो) खिलाड़ी सीमा पूनिया, वाराणसी की भारोत्तोलक (वेटलिफ्टर) पूनम यादव एवं पूर्णिमा यादव, जौनपुर के भाला फेंक (जेवलिन थ्रो) खिलाड़ी रोहित यादव और संभल की हैमर थ्रो खिलाड़ी सरिता यादव शामिल हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने खिलाड़ियों की डाइट मनी 250 रुपए से बढ़ा कर 375 रुपए प्रतिदिन की।अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हों, इसके लिए 1.50 लाख रुपए के मानदेय पर 50 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को बतौर प्रशिक्षक रखा जा जा रहा है।खिलाड़ियों के लिए अनुदान राशि में बढ़ोतरी करने के साथ ही एकलव्य क्रीड़ा कोष की स्थापना की गई है।खेल को बढ़ावा देने के लिए खेल विकास एवं प्रोत्साहन नियमावली 2020 को वित्तीय वर्ष में 8.55 करोड़ रुपए की व्यवस्था की। जिला स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए 5 लाख, मंडल स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए 15 लाख रुपए दिए जा रहे हैं।

  1. प्रियंका गोस्वामी (पैदल चाल) मेरठ
  2. दीप्ति शर्मा (क्रिकेट) मेरठ
  3. मेघना सिंह (क्रिकेट) बिजनौर
  4. ललित उपाध्याय (हॉकी) वाराणसी
  5. विजय यादव (जूडो) वाराणसी
  6. दिव्या काकरान (पहलवान) मुजफ्फरनगर
  7. अन्नू रानी (जेवलिन थ्रोअर) मेरठ
  8. वंदना कटारिया (हॉकी) मेरठ

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