Sunday, September 19, 2021
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मुंबई में नागरिकता कानून के खिलाफ ‘महामोर्चा’, आजाद मैदान में होगी रैली

  • आजाद मैदान में सीएए के खिलाफ ‘महामोर्चा’
  • महाराष्ट्र सरकार के नेता भी हो सकते हैं शामिल

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ शनिवार को मुंबई के आजाद मैदान में बड़ी रैली होने जा रही है. जानकारी के मुताबिक इस रैली में कई छोटे-बड़े संगठनों के अलावा महाराष्ट्र विकास अघाड़ी सरकार के नेता भी शामिल हो सकते हैं.

सीएए के खिलाफ इस बड़ी रैली को ‘महामोर्चा’ नाम दिया गया है. मुंबई के अलावा दिल्ली, तमिलनाडु, बेंगलुरु समेत देश के कई हिस्सों में सीएए के खिलाफ प्रदर्शन जारी हैं. बेंगलुरू में CAA के खिलाफ प्रदर्शन को अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने समर्थन दिया और प्रदर्शन स्थल पर मौजूद महिलाओं का उत्साह बढ़ाया.

वहीं, दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में CAA और NRC के खिलाफ धरने पर बैठे लोगों ने कल यानी शुक्रवार को पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि दी और उनकी याद में काव्य पाठ किया.

इधर, तमिलनाडु में नागरिकता कानून के खिलाफ लोगों में जबरदस्त आक्रोश फूट पड़ा है. तमिलनाडु के आधा दर्जन से ज्यादा शहरों में महिलाएं सड़क पर प्रदर्शन कर रही हैं. चेन्नई में तो हालात बेकाबू हो रहे हैं. शाहीन बाग की तर्ज पर यहां महिलाएं एनआरसी, एनपीआर और सीएए के विरोध में आवाज बुलंद कर रही हैं.

चेन्नई में शाहीन बाग की तर्ज पर महिलाएं नागरिकता कानून, एनपीआर और एनआरसी का विरोध कर रहीं थीं. बवाल इतना बढ़ा कि पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा. इस झड़प के बाद महिलाएं तो यहां से हट गईं, लेकिन चंद घंटे बाद यहां पर हजारों का हुजूम उमड़ आया.

शाम होते-होते तक एक बार फिर यहां महिलाओं ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई. रात के दूसरे पहर में महिलाएं यहीं चौराहे पर इकट्ठा हो गईं. ये उतने ही जोश और जुनून के साथ नागरिकता कानून के खिलाफ नारेबाजी करती हुई.

तमिलनाडु के कई शहरों में भी ऐसा ही माहौल है. कोयंबटूर में हजारों लोग सड़क पर जमा हो गए. नारेबाजी की और नागरिकता कानून को वापस लेने की मांग की. गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए.

कोयंबटूर के बाद मदुरै में भी नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध की आवाज बिल्कुल वैसी ही है. यहां भी नागरिकता कानून के खिलाफ नारे गूंजते नजर आए. तमिलनाडु के ही तिरुवन्नामलई में भी हालात ऐसे ही हैं.

शाहीन बाग की तरह ही महिलाएं चौराहों पर शामियाने के नीचे नागरिकता कानून के विरोध में बैठी हैं. वो मांग कर रही हैं कि किसी भी हालात में नागरिकता कानून बर्दाश्त नहीं. वहीं, अब मुंबई के आजाद मैदान में भी बड़ी रैली का आयोजन किया गया है.

 

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