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दिल्ली में हिंसा को लेकर ममता का फिर केंद्र पर निशाना, कहा- तीनों कृषि कानूनों को वापस लें या कुर्सी छोड़ दें

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बंगाल की ममता सरकार ने भी केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पारित करने के लिए विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाया। ममता सरकार की ओर से कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग के बाद भाजपा विधायकों ने विधानसभा में लगाए जय श्रीराम के नारे

बंगाल में जय श्रीराम के नारे पर विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। गैर भाजपा शासित कई राज्यों की तर्ज पर बंगाल की ममता सरकार ने भी केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पारित करने के लिए विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाया है, जो बुधवार से शुरू हुआ। आज गुरुवार को केंद्र के नए कृषि कानूनों के विरोध और इसे तत्काल निरस्त करने की मांग को लेकर राज्य सरकार की ओर से विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया गया। जिसके बाद भाजपा विधायकों ने विधानसभा में जमकर जय श्रीराम के नारे लगाए। इसके बाद भाजपा व सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

दिल्ली में हिंसा को लेकर ममता का फिर केंद्र पर निशाना, कहा- तीनों कृषि कानूनों को वापस लें  या कुर्सी छोड़ दें

केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ मंगलवार को राजधानी दिल्ली में हुई भारी हिंसा की घटना को लेकर बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने गुरुवार को एक बार फिर केंद्र सरकार पर करारा हमला बोला। तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ बंगाल विधानसभा में लाए गए प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान ममता ने कहा कि दिल्ली की स्थिति से पुलिस नहीं निपट पाई। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर यह बंगाल होता तो अमित भैया कहते, “क्या हुआ?”  हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं।  हम चाहते हैं कि इन तीनों कृषि कानूनों को निरस्त किया जाए। ममता ने साफ कहा कि या तो आप कानून वापस ले लें या कुर्सी छोड़ दें। गौरतलब है कि तीनों कृषि कानूनों का ममता पुरजोर विरोध कर रही हैं।

गौरतलब है कि पिछले दिनों कोलकाता में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती कार्यक्रम में जय श्रीराम के नारे लगाए जाने को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भड़कीं हुई हैं। इस बीच राज्य सरकार की ओर से नेताजी जयंती कार्यक्रम में जय श्रीराम का नारा लगाए जाने के खिलाफ भी निंदा प्रस्ताव विधानसभा में लाया गया। इसके विरोध में भी भाजपा विधायकों ने एक बार फिर विधानसभा में जय श्रीराम के नारे लगाए।

 दरअसल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125 वीं जयंती के अवसर पर 23 जनवरी को कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल में आयोजित पराक्रम दिवस समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जब मंच पर भाषण देने जा रही थी तो कथित रूप से भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनके सामने ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए थे जिससे ममता काफी भड़कीं हुई हैं। ममता के गुस्से का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे इसके खिलाफ विधानसभा में आज निंदा प्रस्ताव लाने वाली हैं। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने नारे को नेताजी और मुख्यमंत्री का अपमान बताते हुए सोमवार को कहा था कि वह विधानसभा में निंदा प्रस्ताव ला सकती है।

 

हालांकि नारे को लेकर ममता का समर्थन करने वाली कांग्रेस और सीपीएम पार्टियों का दो टूक कहना है कि वे निंदा प्रस्ताव का समर्थन नहीं करेंगी। दूसरी ओर, राज्य के संसदीय कार्य मंत्री पार्थ चटर्जी ने बताया गुरुवार को नियम 169 के तहत नए कृषि कानूनों के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया जाएगा। इस प्रस्ताव पर करीब ढाई घंटे तक चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि चर्चा में विपक्षी दलों के विधायकों की भी बात सुनी जाएगी।

गौरतलब है कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब, केरल सहित कई गैर भाजपा शासित राज्यों में पहले ही प्रस्ताव पारित किया चुका है। वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी इस कानून का पुरजोर विरोध कर रही हैं।बता दें कि कुछ किसान संगठन इन कानूनों के खिलाफ लगातार आंदोलन कर रहे हैं और वे इसे वापस लेने की मांग पर अडिग हैं।

मंगलवार को कृषि कानूनों को रद्द करने की किसानों की मांग के समर्थन में हुई ट्रैक्टर परेड के दौरान राजधानी दिल्ली की सड़कों पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब हजारों किसानों ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरीकेड तोड़ डाले और पुलिसकॢमयों के साथ संघर्ष करने लगे। इस दौरान कई वाहनों को क्षतिग्रस्त किया गया और लाल किले पर एक धार्मिक ध्वज लहराया गया। इस दौरान जमकर हिंसा हुई थी।

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