Friday, September 24, 2021
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चारा घोटाला : भैंसों के सिंग में मालिश के लिए 15 लाख का खरीदा गया था सरसों तेल

पटना. भैंसों के सिंग में मालिश के लिए 15 लाख रुपए से करीब 50 हजार किलो सरसों का तेल खरीदा गया था। पशुओं के चारा खिलाने के लिए 155 करोड़ का पीला मक्का और 72 करोड़ की खल्ली खरीदी गई थी। 959 भेंड़, 5664 सूअर, 40504 मुर्गी और 1577 बकरी के लिए 253 करोड़ का चारा खरीदा गया।

 

पशुपालन विभाग द्वारा किए गए 658 करोड़ के अधिकाई व्यय की ये राशि फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है। ये बातें डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने बुधवार को विधानसभा में बिहार विनियोग अधिकाई व्यय विधेयक 2019 को पेश करने के दौरान कही। उन्होंने वर्ष 1977-78 से लेकर वर्ष 2015-16 के दौरान अपरिहार्य कारणों से किए गए 142.47 करोड़ के अधिकाई व्यय को विनियमित कराने के लिए विधेयक विधानसभा से पारित कराया।

 

पशुपालन विभाग की 658 करोड़ के अधिकाई व्यय की राशि कोर्ट के विचाराधीन : मोदी ने कहा कि वर्ष 1990-91 में पशुपालन विभाग का बजट उपबंध 55 करोड़ था, पर सरकारी खजाने से 84 करोड़ रुपए खर्च कर दिए गए। वर्ष 1991-92 में 59 करोड़ की जगह 129 करोड़, 1992-93 में 64 करोड़ की जगह 155 करोड़, 1993-94 में 74 करोड़ की जगह 199 करोड़, 1994-95 में 74 करोड़ की जगह 245 करोड़ रुपए तथा 1995-96 में 82 करोड़ की जगह 205 करोड़ खर्च किए गए। वर्ष 1987-88 से लेकर वित्तीय वर्ष 1996-97 की अवधि में सिर्फ पशुपालन विभाग से संबंधित कुल 658 करोड़ रुपए की अधिकाई व्यय का मामला अभी कोर्ट के विचाराधीन है।

 

सिद्दीकी ने पूछा- अधिकाई व्यय को घोटाला कहते रहने वाले अब नियमित करने के लिए क्यों ला रहे विधेयक
इधर, राजद के वरीय नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने डिप्टी सीएम सुशील मोदी से पूछा- जब वे विपक्ष में थे तो हर अधिकाई व्यय को चिल्ला-चिल्ला कर घोटाला करार देते थे। अब जब सरकार में हैं तो उसी अधिकाई व्यय को नियमित करने के लिए विधेयक ला रहे हैं। यह दोहरा मापदंड क्यों। हम भी वित्त मंत्री रहे हैं और विपक्ष में रहते हुए लोक लेखा समिति के अध्यक्ष के नेता काफी करीब से समिति की कार्यवाही भी देखते रहे हैं। हम तब भी कहते थे और आज भी कह रहे हैं कि हर अधिकाई व्यय घोटाला नहीं होता है। इसे सीधे अर्थों में सरकार पर यह आरोप लगाया जा सकता है कि संबंधित सरकार का वित्तीय प्रबंधन ठीक नहीं है।

 

विधान परिषद में 14330 करोड़ रुपए का प्रथम अनुपूरक पास
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बुधवार को विधान परिषद में राजद पर हमला बोला। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का नाम लिए बिना कहा- बिना कुछ किए 29 साल में एक हजार करोड़ रुपए का मालिक बन जाने वाले पूछ रहे हैं कि लोगों की आय में इतनी असमानता क्यों है? राज्य में कितने लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं। उनके दूध के दांत भी नहीं टूटे थे कि एक दर्जन से अधिक लोगों ने उनके नाम जमीन और मकान कर दी। आपने क्या-क्या नहीं किया? गरीब रैला और रैली करने वालों ने बिहार के आइकोनिक बिल्डिंग टाटा गेस्ट हाउस को अपने नाम करवा लिया।

 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में हमारी सरकार ने 15 साल में असमानता दूर करने का प्रयास किया है। राज्य के हर गरीब के घर नल से जल पहुंचाया जा रहा है, हर घर में बिजली पहुंच चुकी है। इससे पहले उपमुख्यमंत्री ने 14330 करोड़ रुपए का प्रथम अनुपूरक सदन में रखे और राजद के वॉकआउट के बीच इससे ध्वनि मत से पास कर दिया गया। इसमें पटना मेट्रो प्रोजेक्ट के डीपीआर बनाने के लिए 50 करोड़, दरभंगा एयरपोर्ट के लिए 121 करोड़, मुख्यमंत्री वृद्धजन योजना के लिए 348 करोड़, बिजली कंपनियों के लिए 1639 करोड़, ग्रामीण सड़क अनुरक्षण के लिए 1000 करोड़ और विश्वविद्यालय को वेतन एवं पेंशन के लिए 530 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इससे पहले प्रथम अनुपूरक बजट पर अपनी बात रखते हुए राजद के रामचंद्र पूर्वें ने कहा था कि राज्य में असमानता बढ़ी है। सरकार गरीब के लिए कुछ नहीं कर रही है।

 

चमकी बुखार वाले क्षेत्र में सर्वेक्षण पूरा, मुख्यमंत्री के सामने दिया जाएगा प्रजेंटेशन
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार जो सोचती है, उसे समय रहते पूरा करती है। चमकी बुखार वाले क्षेत्र खासकर मुजफ्फरपुर में सर्वेक्षण का काम पूरा हो गया है। इसका मुख्यमंत्री के सामने प्रजेंटेशन दिया जाएगा। मुख्यमंत्री से निर्देश मिलने के बाद सरकार जरूरी कदम उठाएगी।

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