Wednesday, September 22, 2021
Homeमध्य प्रदेशसीएम से पीएम की मुलाकात के मायने:शिवराज का सुझाव - वैक्सीन निर्माता...

सीएम से पीएम की मुलाकात के मायने:शिवराज का सुझाव – वैक्सीन निर्माता कंपनियों के लिए लाइसेंस व्यवस्था हो, मांगा- जीडीपी का 1% अतिरिक्त लोन

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को नई दिल्ली में पीएम हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है। – फाइल फोटो
  • हेल्थ वर्कर, पुलिस कर्मी और राजस्व अमले को पहले फिर बुजुर्गों को लगेगा टीका
  • राज्य की आर्थिक स्थिति खराब, अतिरिक्त लोन की मांग की

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके निवास 7 लोक कल्याण मार्ग, पहुंचकर मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश में कोरोना की मौजूदा स्थिति और इससे निपटने की तैयारियों के बारे में जानकारी पीएम मोदी को दी। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों के लिए अनिवार्य लाइसेंस की व्यवस्था लागू होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया है कि वैक्सीन का पेटेंट करा चुकी कंपनी अगर टीके का पर्याप्त उत्पादन नहीं कर पाती, तो उस फॉर्मूले को दूसरी कंपनी को देकर उत्पादन करवा सकते हैं, जिससे उत्पादकता प्रभावित ना हो। उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि भौगोलिक दृष्टि से जहां संक्रमण ज्यादा है, वहां प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण होना चाहिए।

हालांकि हेल्थ वर्कर, पुलिस कर्मी और राजस्व अमले को पहले टीका लगाने की बात मुख्यमंत्री ने कही है। सीएम ने मध्य प्रदेश की आर्थिक स्थिति से भी प्रधानमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है। राज्य के संसाधनों से मिलने वाला राजस्व कम प्राप्त हुआ है। केंद्रीय करों में हिस्सेदारी का अंश भी पूरा नहीं मिल पाया है। संकट से निपटने के लिए राज्य सरकार को जीडीपी का 1% अतिरिक्त लोन लेने की अनुमति केंद्र सरकार से दिए जाने का अनुरोध भी मुख्यमंत्री ने किया।

करीब एक घंटे चली मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को प्रदेश में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं व कार्यों की जानकारी दी। खास है कि उपचुनाव के बाद मुख्यमंत्री की प्रधानमंत्री से यह पहली मुलाकात है। इस दौरान शिवराज सिंह ने आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश का रोडमैप प्रधानमंत्री को सौंपा। साथ ही, बालाघाट क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि कोरोना काल के दौरान राज्य में आर्थिक गतिविधियों को किस तरह बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री ने 29 सितंबर को प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी।

निकाले जा रहे सियासी मायने

मंत्रिमंडल विस्तार से पहले भोपाल में राज्यसभा सांसद ज्याेतिरादित्य सिंधिया के साथ बैठक के बाद प्रधानमंत्री से मुलाकात के सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने दिल्ली प्रवास के दौरान भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। इससे स्पष्ट है कि शीर्ष नेतृत्व को भरोसे में लेकर ही मुख्यमंत्री अपनी टीम में नए सदस्यों को शामिल करना चाहते हैं। हालांकि इस मुलाकात को मुख्यमंत्री ने सौजन्य भेंट बताया। उन्होंने नड्डा को आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोडमेप की प्रति सौंपी और प्रदेश के विकास में किए जाने वाले कार्यों का ब्यौरा दिया।

इन योजनाओं के बारे में बताया

  • स्ट्रीट वेंडर और ग्रामीण स्ट्रीट वेंडर की प्रगति।
  • वनों में सुधार के लिए वन संरक्षण अधिनियम।
  • स्व सहायता समूह का सशक्तिकरण।
  • जल जीवन मिशन का क्रियान्वयन।
  • प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना।
  • प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना।
  • गरीब कल्याण रोजगार योजना।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments