Thursday, September 23, 2021
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दिल्ली विश्वविद्यालय में कोरोना से अब तक 30 से ज्यादा टीचर्स की मौत, सैकड़ों संक्रमित भी हुए

कोरोना की दूसरी लहर दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के लिए बुरी याद लेकर आया है। डीयू में अब तक करीब 30 शिक्षकों की मौत एक मार्च से 10 मई के बीच कोरोना से हो जाने की खबर सामने आ रही है। और सैकडों शिक्षक कोरोना से संक्रमित है।

डीयू मैनेजिंग कमेटी की बैठक में बताया गया कि तदर्थ शिक्षकों के परिजनों को एकमुश्त पांच लाख की मदद दी जाएगी।
  • डीयू टीचर्स वेलफेयर फंड से भी की जाएगी मृतकों के परिवार को आर्थिक मदद

बताया जा रहा है कि कोरोना संक्रमण से जान गंवाने वाले शिक्षकों की इस संख्या में वो शिक्षक शामिल हैं, जो स्थायी थे या कॉन्ट्रैक्ट पर पढ़ा रहे थे। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी के उन कर्मचारियों की संख्या भी है, जिनकी कोरोना के कारण मौत हुई है।

स्टाफ और मृत शिक्षकों के ​परिजनों को मदद के लिए यूजीसी से मदद की मांग

डीयू के फिजिक्स एंड एस्ट्रोफिजिक्स विभाग के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक प्रो. विनय गुप्ता सहित बड़ी संख्या में डीयू कर्मचारियों का भी निधन हुआ, जबकि सैकड़ों कर्मचारी जिनमें शिक्षक से लेकर डीयू के स्टाफ अब भी कोरोना से संक्रमित हैं। डीयू शिक्षक संघ के अध्यक्ष राजीब रे के हवाले से कहा गया कि यह शिक्षक समुदाय के लिए चिंता का विषय है।

कई रिटायर्ड शिक्षकों की भी कोरोना संक्रमण से मौत हुई है। शिक्षक समुदाय सहयोगी आधार पर बीमार शिक्षकों की हर तरह की मदद के लिए कदम उठा रहा है। ऐसे में उन्होंंने यूजीसी से कोरोना से मृत डीयू के स्टाफ और मृत शिक्षकों के ​परिजनों को मदद के लिए यूजीसी से मदद की मांग की है।

उन्होंनें कहा जो शिक्षक कोरोना से मर गए अगर वो अपना कार्यकाल पूरा करते तो परिवार के लिए कितनी आर्थिक सहायता कर पाते, इन आंकड़ों को मद्देनज़र रखते हुए डीयू शिक्षक संघ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी से लिखित तौर पर मृतकों के परिजनों के लिए ढाई करोड़ की सहायता राशि की मांग की है। राजीब रे के मुताबिक अनुकंपा के आधार पर कोरोना की भेंट चढ़े शिक्षकों के परिजनों के लिए नौकरी की भी मांग की गई है।

वेलफेयर फंड से भी मदद

डीयू मैनेजिंग कमेटी की बैठक में तय किया गया कि एक मार्च के बाद मृत शिक्षकों के परिजनों को आर्थिक मदद टीचर्स वेलफेयर फंड से दी जाएगी। 40 वर्ष की आयु तक के शिक्षकों के परिजनों को अधिकतम 10 लाख, 50 वर्ष की आयु तक के शिक्षकों के परिजनों को 8 लाख और बाकी के लिए 6 लाख रुपये की मदद दिया जाना तय किया गया है। बैठक में यह भी बताया गया कि तदर्थ शिक्षकों के परिजनों को एकमुश्त पांच लाख की मदद दी जाएगी।

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