Sunday, September 26, 2021
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बजट : हिसार के पुरातात्विक गांव राखीगढ़ी में बनेगा म्यूजियम, शोधकर्ताओं का दावा-यहां 8000 साल पुरानी मानव सभ्यता के प्रमाण

पानीपत. हिसार के पुरातात्विक गांव राखीगढ़ी में म्यूजियम बनाया जाएगा। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में शनिवार जिन पांच पुरातात्विक शहरों में म्यूजियम बनाने की घोषणा की, इसमें राखीगढ़ का नाम भी है। शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि राखीगढ़ी में करीब 8000 साल पुरानी देश की सबसे पुरानी मानव सभ्यता मौजूद थी। आज खंडहर में तब्दील हो चुका राखीगढ़ी, उस दौर में देश का पहला सुनियोजित नगर (प्लांड सिटी) हुआ करता था। केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए म्यूजियम में यहां खुदाई में मिली पुरातात्विक चीजों को रखा जाएगा।

शोधकर्ता का दावा-देश की सबसे पुरानी मानव सभ्यता है राखीगढ़ी
डेक्कन डीम्ड यूनिवर्सिटी पुणे के पुरातत्वविद प्रोफेसर वसंत शिंदे के नेतृत्व में 2015 में राखीगढ़ी के आसपास 900 स्क्वायर मीटर में खुदाई की गई थी। इसमें कई कंकाल और सभ्यता के अवशेष मिले थे। उस दौरान हुई बातचीत में शिंदे ने दावा किया कि यह प्रचलित तथ्य है कि हड़प्पा के प्रमुख नगर मोहनजोदड़ो को पश्चिमी मेसोपोटामिया (ईराक, कुवैत, सीरिया-तुर्की के कुछ हिस्से यानी आज का पश्चिम एशिया रीजन) के लोगों ने आकर बसाया था। जो भी शोध के दौरान गलत साबित हुई है। शिंदे ने तब यह भी दावा किया था कि राखीगढ़ी में जो अवशेष मिले हैं। उनसे यह बात सामने आती है कि हमारे यहां (राखीगढ़ी सभ्यता) के लोगों ने हड़प्पा, मेसोपोटामिया, ईजिप्ट आदि सभ्यताओं के निर्माण में योगदान दिया। यह तथ्य इस बात को साबित करता है कि राखीगढ़ की सभ्यता हड़प्पा सभ्यता से भी पुरानी है। शोध में यह बात भी सामने आई है कि राखीगढ़ी एक छोटा सा गांव था, जो बाद में सुनियोजित नगर के रूप में उभरकर सामने आया। प्रो. शिंदे ने यह भी दावा किया था आर्य भारतीय ही थे। इनके कहीं और से आने का ठोस प्रमाण नहीं है। इनके बाहर की दुनिया से संबंध थे। इनका ईरान, इजिप्ट (मिस्र) से मेल-जोल भी हुआ।

और कब-कब क्या-क्या हुआ राखीगढ़ी के लिए

जानकारों के मुताबिक इतिहासकार डॉ. सूरजभान ने 1963 में राखीगढ़ी के पुरातन ऐतिहासिक सभ्यता को लेकर पीएचडी की थी। इसके बाद 1998 में यहां पहली बार खुदाई हुई तो पुराने अवशेष मिले। फिर यह ज्यादा चर्चा में आया। 2004 में तत्कालीन मानव संशाधन मंत्री जगमोहन ने 16 करोड़ रुपए का देने का ऐलान करते हुए यहां म्यूजियम बनाने की बात कही थी। बरसों से मामला ठंडे बस्ते में पड़ा रहा। फिर 2013 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा ने 2 करोड़ का फंड जारी करते हुए म्यूजियम का शिलान्यास करने का ऐलान किया। उनके स्वागत की तैयारियों में करंट लगने से लड़के की मौत हो गई तो फिर 2 साल तक यह प्रोजेक्ट टल गया। जब प्रदेश में भाजपा की सरकार आई तो लगभग एक साल के बाद मनोहर लाल ने यहां म्यूजियम का शिलान्यास किया। अब तक यहां काम लटका हुआ है और माना जा रहा है कि प्रदेश सरकार के प्रयासों के चलते इसे केंद्रीय बजट में शामिल कराया जा सका। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की घोषणा के मुताबिक वित्त वर्ष 2020-21 में यहां म्यूजियम का काम पूरा हो जाएगा।

मुख्यमंत्री बोले-युवाओं को मिलेगा रोजगार

मुख्‍यमंत्री मनोहर लाल ने बजट को शानदार बताते हुए कहा कि राखीगढ़ी को पर्यटक स्‍थल के तौर पर विकसित करने और यहां म्‍यूजिम से इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। इसके साथ ही प्रदेश के राजस्व में वृद्धि होगी और राज्‍य के युवाओं के लिए रोजगार सृजित होगा। हमारी सरकार राखी गढ़ी की वर्षों पुरानी संस्कृति को संजोए रखने के लिए इसे पहले को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित कर रही है। केंद्रीय बजट में इसके लिए प्रावधान किए जाने से इसे गति मिलेगी। उन्‍होंने कहा कि करीब दो वर्ष पहले राखी गढ़ी में म्यूजियम बनाने की शुरुआत की गई थी और यह कार्य इस साल पूरा हो जाएगा।

कांग्रेस नेत्री का पलटवार-2013 में हो चुके समझौते पर साइन

दूसरी ओर कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने केंद्रीय बजट में हरियाणा के हिसार के राखीगढ़ी को पर्यटक स्‍थल के रूप में विकसित करने और पुरात्‍त्‍व विभाग द्वारा म्यूजियम बनाने की घोषणा पर भी निशाना साधा। उन्‍होंने कहा कि राखी गढ़ी में म्‍यूजियम स्‍थापित करने के समझौते पर 2013 में साइन हो चुका था और इसका ऐलान किया जा रहा है।

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