Saturday, September 25, 2021
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पास-फेल का मांगा विकल्प, 200 स्टूडेंट परेशान; एग्जाम में PEC ने स्टूडेंट्स को दी थी चेतावनी, खड़ी हो सकती है समस्या

पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज डीम्ड टू यूनिवर्सिटी (PEC) के स्टूडेंट्स इन दिनों एग्जाम को लेकर परेशान हैं। कॉलेज में सुनवाई न होने के कारण अब उन्होंने इस बारे में पंजाब के गवर्नर व एडमिनिस्ट्रेटर UT वीपी सिंह बदनोर और एडवाइजर टू एडमिनिस्ट्रेट मनोज परिदा को लेटर लिखा है।

7वें सेमेस्टर के स्टूडेंट्स एग्जाम को लेकर फैसला नहीं होने के कारण परेशान हैं। 

8वें सेमेस्टर के स्टूडेंट्स की परेशानी ये है कि उनके बहुत से साथी दूर-दराज होने के कारण एग्जाम देने की स्थिति में नहीं हैं। 7वें सेमेस्टर का एग्जाम देने से वंचित स्टूडेंट्स चाहते हैं कि उनके एग्जाम करवा लिए जाएं ताकि ग्रेडिंग के पास वह अपनी प्लेसमेंट वाली कंपनी में डिग्री दिखा सकें। दोनों सेमेस्टर के स्टूडेंट्स ने अपने हैड ऑफ दि डिपार्टमेंट, डीन एकेडेमिक्स, डीन स्टूडेंट्स वैलफेयर, डायरेक्टर पेक और चेयरमैन पेक गवर्नेंस बोर्ड को लेटर लिखा है।

ईमेल से सुनवाई नहीं हुई

लगातार ईमेल के बाद भी जब सुनवाई नहीं हुई ताे उन्होंने यूटी एडमिनिस्ट्रेटर से मदद मांगी है। वर्ष 2017-21 के सिविल इंजीनियरिंग के स्टूडेंट्स की 8वें सेमेस्टर के लिए डिमांड है कि उनको पास-फेल का विकल्प दिया जाए ताकि वह अपनी नौकरी ज्वाइन कर सकें। 7वें सेमेस्टर के स्टूडेंट्स एग्जाम को लेकर फैसला नहीं होने के कारण परेशान हैं। वे इस बारे में कई ईमेल कर चुके हैं।

ये वे स्टूडेंट्स हैं, जिन्होंने पिछली बार हुए एग्जाम में ये कहते हुए एपियर होने से मना कर दिया था कि वह इस बार पेपर नहीं दे सकेंगे। उनको पैरेंट्स कोविड के कारण कैंपस आने की परमिशन नहीं दे रहे। हालांकि उस समय PEC ने स्टूडेंट्स को वार्निंग दी थी कि मौजूदा हालात में ही पेपर दे लें।

हालात बिगड़े

आगे चलकर और ज्यादा समस्या खड़ी हो सकती है। जब बीते सेमेस्टर के पेपर हुए थे, तो उनको बता दिया गया कि अगले पेपर कब होंगे ये नहीं पता। उसके लिए स्थितियां सामान्य होने पर ही पेपर कंडक्ट कराया जाएगा। एक ब्रांच में सिर्फ पांच स्टूडेंट्स ने, जिन्होंने मार्च में इंस्टीट्यूट को पेपर कराने के लिए कहा था। किसी कारणवश मामला टल गया और अब हालात फिर बिगड़ गए हैं।

करीब 185 स्टूडेंट्स इस वजह से फंसे हुए हैं। स्टूडेंट्स ने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि जब पेक ने बहुत से स्टूडेंट्स से हॉस्टल की पूरे साल की फीस ले ली है तो हॉस्टल अचानक खाली क्यों करवाए गए। हालात ये कर दिए गए कि उनका सामान भी क्लॉक रूम में रखवा दिया गया और उनके कमरों में ताले भी इंस्टीट्यूट के हैं।

इस समय जब सभी के घर में काेई ना कोई बीमार या मौत का दौर है तो ऐसे में स्टूडेंट्स को तनाव क्यों दिया जा रहा है। ये सभी स्टूडेंट्स ऐसे हैं, जिनको 30 जून से पहले डिग्री चाहिए ताकि वह ज्वाइन कर सकें। उन्होंने प्वाइंट वाइज आपत्तियों का जिक्र किया है।

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