माउंट एवरेस्ट की नए सिरे से ऊंचाई मापने की कोशिश पिछले साल शुरू की गई थी। इसके लिए चीन ने पिछले साल एक अभियान दल चोटी पर भेजा था। वहीं चीन ने भी इस साल तिब्बत की ओर से एवरेस्ट की ऊंचाई मापने के लिए एक अभियान दल भेजा। व‍िशेषज्ञों के मुताबिक ऐसा करके चीन माउंट एवरेस्‍ट पर धीरे-धीरे अपना दावा मजबूत कर रहा है। ऐसा करके नेपाल माउंट एवरेस्‍ट की नई ऊंचाई की घोषणा करके वह यह दिखाना चाहता है कि दुनिया की इस चोटी पर उसका हक है। नेपाल के साथ माउंट एवरेस्‍ट की ऊंचाई की संयुक्‍त घोषणा के बाद इस चोटी को अपना बनाने के चीन के दावे में तेजी आएगी। मौजूदा समय में 8848 मीटर मानी जाती है।

दोनों देशों के बीच माउंट एवरेस्‍ट की ऊंचाई मापने की यह घोषणा ऐसे वक्‍त सामने आई है, जब दोनों देशों का भारत के साथ सीमा विवाद चल रहा है। चीन की शह पर नेपाल ने नया नक्‍शा जारी करके भारत के कई हिस्‍सों पर दावा जताया है। दोनों देशों के इस दावे पर भारत ने आपत्ति जताई है। वहीं चीन की सेना ने लद्दाख में अतिक्रमण किया हुआ है। इसका भारतीय सेना भी मजबूती के साथ जवाब दे रही है।