Saturday, September 25, 2021
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फेफड़ों के कैंसर की पहचान कर सकती है नई तकनीक, जानिए इस बीमारी से कैसे करें बचाव

फेफड़ों का कैंसर भारत में पुरूषों में पनपने वाली ऐसी बीमारी है जो धूम्रपान करने वाले पुरुषों को अपनी गिरफ्त में लेती है। इस बीमारी के कई कारण हैं जैसे तम्बाकू का सेवन, धुएं के संपर्क में आना, रेडॉन जैसे पदार्थों के संपर्क में आना शामिल है। कुछ लोगों में यह कैंसर जेनेटिक भी हो सकता है। इस कैंसर की सटीक पहचान करने के लिए वैज्ञानिकों ने सफलता हासिल की है। उन्होंने एक ऐसी नई आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) ब्लड टेस्टिंग तकनीक विकसित की है, जिससे इस घातक बीमारी की सटीक पहचान की जा सकती है। शोधकर्ताओं के अनुसार, करीब 800 कैंसर रोगियों और सामान्य लोगों के रक्त नमूनों में से लंग कैंसर का पता लगाने में जांच की यह विधि 90 फीसद से ज्यादा सटीक पाई गई है।

फेफड़ों का कैंसर भारत में ज्यादातर पुरूषों में पनपने वाली बीमारी है जिसकी सटीक पहचान करने के लिए वैज्ञानिकों ने एक ऐसी नई आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) ब्लड टेस्टिंग तकनीक विकसित की है जिससे इस घातक बीमारी की सटीक पहचान की जा सकती है।

टेस्ट की लिए ब्लड टेस्टिंग तकनीक की गई विकसित:

अमेरिका की जान्स हापकिन्स किम्मेल कैंसर सेंटर (Johns Hopkins Kimmel Cancer Center) के शोधकर्ताओं ने एक नए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस ब्लड टेस्टिंग तकनीक को विकसित किया है। इस शोध के तहत 800 लोगों पर अध्ययन किया गया जिनमें से कुछ कैंसर के मरीज थे और कुछ नहीं। इस टेस्ट प्रक्रिया को DNA evaluation of fragments for early interception का नाम दिया गया है। इस तकनीक की मदद से उन मरीजों में कैंसर की 94 फीसद तक पहचान की गई, जिनमें यह रोग विविध चरणों में था। फेफड़ों का कैंसर एक घातक बीमारी है इससे बचाव करना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं कि किस तरह इस बीमारी से बचाव किया जा सकता है।

फेफड़ों के कैंसर से बचाव

स्मोकिंग से तौबा करें:

फेफड़ों के कैंसर का प्रमुख जोखिम कारक स्मोकिंग है। इस बीमारी के खतरे को ध्यान में रखते हुए धूम्रपान से खुद भी परहेज़ करें और अपने बच्चों को भी परहेज़ करने की सलाह दें।

सिगरेट नहीं पीते तो भी धुएं से करें बचाव:

यदि आप धूम्रपान करने वाले लोगों के साथ रहते हैं या फिर उनके साथ काम करते हैं उनके संपर्क में आने से बचें। धूम्रपान के अड्डे बार और रेस्तरा में जाने से परहेज़ करें।

सीज़नल फल और सब्जियों का सेवन करें:

हेल्दी लाइफ के लिए सीजनल फल और सब्जियों का सेवन करें। विटामिन और पोषक तत्वों से भरपूर फूड का सेवन करें।

एक्सरसाइज़ जरूर करें:

इस बीमारी से बचना हैं, साथ ही हेल्दी भी रहना है तो रोज़ाना एक्सरसाइज करने की आदत डालें। एक्सरसाइज नहीं करते तो वॉक जरूर करें।

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