बता दें कि यह मामला 7 अगस्त 2018 का है, जब बेंगलुरु के मदनयाकानहल्ली में 2,000 रुपये के नोटो की गड्डियों के साथ 6.84 लाख रुपये के नकली नोटों जब्त किए गए थे। इसके साथ ही चार लोगों को पकड़ा गया और उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

ये चारों आरोपी मोहम्मद सज्जाद अली, एम जी राजू, गंगाधर रमप्पा कोलार और वनिता थे। उनकी गिरफ्तारी के एक महीने बाद एनआइए ने जांच शुरू की और तीन और लोगों को गिरफ्तार कर लिया। जिनमें कर्नाटक के विजय और पश्चिम बंगाल के मालदा के साबिरुद्दीन और अब्दुल कादिर हैं।

उनका एक साथी जहीरुद्दीन अभी भी फरार है। एनआइए ने कहा कि अली, राजू और अब्दुल कादिर को दोषी करार दिया गया और 20,000 रुपये के जुर्माने के साथ छह साल के जेल की सजा सुनाई गई।