Friday, September 24, 2021
Homeमहाराष्ट्रसड़क नहीं, गर्भवती को पालकी में लटकाकर पहाड़ों में 5 किमी पैदल...

सड़क नहीं, गर्भवती को पालकी में लटकाकर पहाड़ों में 5 किमी पैदल चले

ये खबर देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से सटे पालघर जिले की है। यहां के अंबरभुई गांव में एक गर्भवती को लकड़ी में बंधे कपड़े पर लटकाकर 5 किमी दूर हॉस्पिटल ले जाना पड़ा। ऐसा इसलिए, क्योंकि गांव तक अब भी सड़क नहीं बन पाई है। घटना बुधवार की है, लेकिन इसकी तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद सोमवार को मामला सुर्खियों में आ गया। वडा तालुका का अंबरभुई गांव ऊंची पहाड़ी पर है। यहां तबीयत खराब होने पर मरीजों को इसी तरह से नीचे लाया जाता है।

इस गांव की रहने वाली 21 साल की आरती विशाल तबाले 7 महीने की गर्भवती हैं। बुधवार शाम उन्हें दर्द शुरू हुआ। दर्द बढ़ने पर आरती के भाई ने गांव के कुछ युवाओं के साथ आरती को हॉस्पिटल ले जाने का फैसला लिया। उन्होंने लकड़ी और कपड़े के सहारे एक डोली नुमा सवारी तैयार की और आरती को उसमें लिटाकर हॉस्पिटल के लिए निकले। घने जंगल से निकला रास्ता बारिश की वजह से फिसलन भरा हो गया था। इसलिए पैदल चलने में भी बहुत मुश्किलें आईं। पहाड़ी रास्ते पर पैर न फिसले इसलिए पालकी उठाने वालों ने अपनी चप्पलें भी उतार दीं।

महिला 7 महीने की गर्भवती है। उसे हॉस्पिटल ले जाने के लिए गांव के लोगों ने भी मदद की।
महिला 7 महीने की गर्भवती है। उसे हॉस्पिटल ले जाने के लिए गांव के लोगों ने भी मदद की।

गांव के युवाओं ने की मदद

आरती के बड़े भाई विकास लीलका ने बताया, “18 अगस्त को आरती को लेबर पेन शुरू हुआ था। मैं काम के सिलसिले में वसई में था। इसी दौरान मुझे कॉल कर बताया गया। इसके बाद मैं काम छोड़कर गांव पहुंचा। गांव के कुछ युवाओं की मदद से बांस के सहारे डोली बनाई और आरती को उसमें लिटाया। तकरीबन 5 किलोमीटर पैदल चलने के बाद हमें मेन रोड से एक गाड़ी मिली। आरती को उसमें बैठाकर हम हॉस्पिटल तक ले गए।”

गांव तक पहुंचने के लिए कोई कच्चा रास्ता भी नहीं है। ऐसे में महिला को पहाड़ी रास्ते से ले जाया गया।
गांव तक पहुंचने के लिए कोई कच्चा रास्ता भी नहीं है। ऐसे में महिला को पहाड़ी रास्ते से ले जाया गया।

हॉस्पिटल से वापस भी इसी तरह लाए

विकास ने बताया कि उन्हें आरती को पहाड़ी के मुश्किल रास्ते से ले जाना पड़ा। वे करीब 3 घंटे बाद उसे लेकर निमबावली हेल्थसेंटर पहुंचे। वहां डॉक्टर्स ने जांच कर बताया कि महिला की हालत स्थिर है और अभी बच्चे को जन्म देने का समय नहीं आया है। इसके बाद हम उसी रास्ते से उसी तरह आरती को वापस गांव लेकर आए। विकास का कहना है कि बहन घर तो लौट आई है, लेकिन आगे पता नहीं उसे सही समय पर हॉस्पिटल कैसे पहुंचा पाएंगे।

महिला को 7 महीने का गर्भ है। डिलीवरी न होने पर उसे इसी तरह वापस लाया गया।
महिला को 7 महीने का गर्भ है। डिलीवरी न होने पर उसे इसी तरह वापस लाया गया।

मुख्यमंत्री से की गांव तक सड़क बनवाने की मांग

विकास ने कहा कि यह इलाका मुंबई से सटा है। इसके बावजूद यहां के हालात खराब हैं। मुख्यमंत्री इसके लिए आगे आएं और गांव तक रास्ता बनवाने के लिए कुछ करें। यह आदिवासी इलाका है और पैदल आते-जाते वक्त कई बार लोगों को सांप डस चुका है। इससे कई लोग अपनी जिंदगी गंवा चुके हैं। हमने पहले भी इस गांव तक सड़क बनवाने की मांग की थी, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments