मानसून सत्र के दौरान बुधवार को राज्यसभा में घटी घटना से अवगत कराने को लेकर विपक्षी दलों के नेताओं ने गुरुवार को सभापति एम. वेंकैया नायडू से मुलाकात की। कांग्रेस, शिवसेना, द्रमुक, राजद, CPIM, NCP, CPI, IUML और LJD के नेताओं ने सरकार पर आरोप लगाया। इस मुलाकात की जानकारी देते हुए राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया, ‘हम 15 पार्टियों के सभी नेता राज्यसभा के सभापति से मिले और एक ज्ञापन दिया। सभी पार्टियों के नेताओं और वरिष्ठ नेता शरद पवार ने भी जो सदन में जो घटनाएं घटीं उसके बारे में बताया। हम धन्यवाद करते हैं कि उन्होंने हमारी बात सुनी।’

19 जुलाई से 11 अगस्त तक कुल 17 दिन तक संसद का मानसून सत्र चला। आखिरी दिन राज्यसभा में जोरदार हंगामा हुआ। आज सदन के अध्यक्ष वेंकैया नायडू से विपक्षी नेताओं ने मुलाकात कर पूरे मामले से अवगत कराया।

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने आगे बताया ,’हमने कहा है कि सरकार ने कई विधेयक सदन में आदेश न रहते हुए भी पारित करा लिया। हर 10 मिनट में एक विधेयक पारित हुआ और बोलने का मौका नहीं मिला। कानूनों की कमियों को बताने के लिए समय नहीं दिया गया। हमने संविधान संशोधन बिल को समर्थन दिया, मकसद यही था कि सदन ठीक से चले।’  बता दें कि  राज्यसभा में बुधवार सुबह विपक्षी नेता मल्लिकार्जुन खड्गे के साथ विपक्ष के नेताओं ने बैठक की थी।