Friday, September 17, 2021
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जबलपुर के सेंट्रल रेलवे हॉस्पिटल में 600 लीटर प्रति मिनट बनेगी ऑक्सीजन, भोपाल व कोटा में भी लग रहा प्लांट

कोरोना संक्रमितों के लिए ऑक्सीजन की जरूरत और इसे लेकर अस्पतालों में मारामारी के बीच रेलवे ने बड़ी पहल की है। जबलपुर सहित भोपाल व कोटा स्थित रेलवे हॉस्पिटलों में खुद का ऑक्सीजन प्लांट लगाने का निर्णय लिया है। जबलपुर में जहां प्लांट की क्षमता 600 लीटर प्रति मिनट की होगी। वहीं भोपाल व कोटा में 500-500 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन बनाने वाला प्लांट लगाया जा रहा है।

जबलपुर सहित पमरे के भोपाल व कोटा स्थित रेलवे हॉस्पिटलों में लगेंगे ऑक्सीजन प्लांट।

रेलवे की इस पहल से अस्पताल में ऑक्सीजन के लिए सिलेंडर बदलने का झंझट समाप्त हो जाएगा। प्लांट में बनने वाली ऑक्सीजन से ही अस्पताल में सप्लाई होगी। यहां बता दें कि पूरे देश में ऑक्सीजन की मारामारी के बीच रेलवे ने ऑक्सीजन एक्सप्रेस चलाकर लोगों की सांसें लौटाने में बड़ी भूमिका निभाई है। पहले दौर के संक्रमण को देखते हुए रेलवे ने इस बार स्पेशल ट्रेनें चलाकर मजदूरों के पलायन को समस्या नहीं बनने दिया। हालांकि इस कोशिशों में बड़ी संख्या में रेलवे कर्मी भी संक्रमित हुए और कई को अपनी जान से हाथ भी धोना पड़ा।

ऑक्सीजन एक्सप्रेस के बाद खुद के प्लांट

कोरोना संक्रमण में आई परेशानी और रेलवे कर्मियों को इलाज के लिए भटकता देख रेलवे ने अब अस्पतालों में मेडिकल सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए तैयारी कर ली है। सभी रेलवे कोविड चिकित्सालय को ऑक्सीजन प्लांट से लैस किया जाएगा। रेलवे ने देश में 86 रेलवे अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट की योजना बनाई है। इसमें चार रेलवे अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट कार्य कर रहे हैं। 52 ऑक्सीजन प्लांट को स्वीकृति दी गई है। 30 ऑक्सीजन प्लांट की प्रक्रिया विभिन्न चरणों में है।

WCR में तीन ऑक्सीजन प्लांट बन रहे

  • जबलपुर : 600 लीटर प्रति मिनट
  • भोपाल : 500 लीटर प्रति मिनट
  • कोटा : 500 लीटर प्रति मिनट

निजी एजेंसी के जरिए होगा संचालन

सेंट्रल रेलवे हॉस्पिटल में ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना और संचालन में लगभग एक करोड़ रुपए लागत आने का अनुमान है। प्लांट को निजी एजेंसी के जरिए संचालित किया जाएगा। कोरोना की दूसरी लहर में रेल कर्मियों को दूसरे अस्पतालों में भर्ती करने में समस्या होने के बाद पमरे ने सेंट्रल हॉस्पिटल की व्यवस्था बेहतर बनाने पर काम कर रहा है। कोरोना मरीजों के लिए ऑक्सीजन बेड बढ़ाने के साथ ही नए वेंटीलेटर व आइसीयू यूनिट बनाई है। बीआइपीएपी और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जैसे उपकरण जुटाने के प्रयास हो रहे हैं।
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