जम्मू कश्मीर के सांबा में देखा गया पाकिस्तानी ड्रोन

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स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप ने रविवार को जम्मू-कश्मीर के सांबा में जाख के सीमावर्ती इलाके में एक तलाशी अभियान चलाया. पुलिस को ग्रामीणों द्वारा एक संदिग्ध ड्रोन देखे जाने की सूचना दी गई थी. पुलिस उपाधीक्षक ने कहा कि ग्रामीणों द्वारा उन्हें यहां एक संदिग्ध ड्रोन के बारे में सूचित करने के बाद उन्होंने तलाशी अभियान शुरू किया. एसओजी के डीएसपी घरू राम ने कहा कि पाकिस्तान ने एक बार फिर सांबा में ड्रोन साजिश को अंजाम दिया है.उन्होंने कहा, “रक्षा सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान से एक ड्रोन शनिवार शाम को भारतीय क्षेत्र में घुस गया था, जिसके बाद स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया.” डीएसपी ने आगे बताया कि ड्रोन को सारथी कलां में देखा गया, जो सांबा सेक्टर का सीमावर्ती गांव है. ड्रोन फिर डेरा और मदून गांव से रीगल की ओर गया और चक दुलमा से पाकिस्तान में हैदर पोस्ट वापस चला गया. ड्रोन जमीन से कम से कम 1 किलोमीटर की ऊंचाई पर उड़ रहा था.  सुरक्षाबलों ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया और सुबह सभी इलाकों में तलाशी अभियान चलाया. डीएसपी घरू राम ने कहा कि पाकिस्तान पहले भी कई बार ऐसे प्रयास कर चुका है, जिसमें उसने ड्रोन के जरिए भारतीय क्षेत्र में हथियार और गोला-बारूद उतारा. जम्मू कश्मीर पुलिस के एसओजी ने बांद्राली, जाख और सांबा के अन्य आसपास के इलाकों में भी बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान जारी है.

डीएसपी ने आगे कहा कि यह क्षेत्र बहुत संवेदनशील है और हमने सीआरपीएफ व जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया है. इससे पहले, एक पाकिस्तानी ड्रोन इसी महीने पंजाब के गुरदासपुर में अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास देखा गया था. सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों द्वारा उस पर कई राउंड फायरिंग करने के बाद वह ड्रोन वापस पाकिस्तान की ओर उड़ गया था. बीएसएफ के अनुसार, इस साल जुलाई तक, सीमा पार से उड़ान भरने वाले कुल 107 ड्रोन भारतीय क्षेत्र के अंदर देखे गए, जबकि पिछले साल पूरे 97 ड्रोन देखे गए थे. पिछले साल सीमा पार से आने वाले 97 ड्रोन में से पंजाब में 64, जम्मू में 31 और जम्मू में नियंत्रण रेखा (एलओसी) से दो ड्रोन प्रवेश करते हुए देखे गए थे. जुलाई 2022 तक, अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास 107 ड्रोन देखे गए, जिनमें जम्मू में 14 और पंजाब सेक्टर में 93 शामिल हैं. बीएसएफ (BSF) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि इनमें से ज्यादातर ड्रोन (Drone) पाकिस्तान (Pakistan) से आए हैं और इनका इस्तेमाल नशीले पदार्थ, हथियार, विस्फोटक और गोला-बारूद पहुंचाने के लिए किया जाता है.

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