Friday, September 24, 2021
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भारत में पेरासिटामोल हुई 50 फीसदी महंगी, कोरोना वायरस ने रोकी दवाइयों की सप्लाई

खतरनाक कोरोना वायरस ने चीन में तबाही मचा दी है. कारखानों को बंद करना पड़ा है. बड़ी मात्रा में दवाओं का उत्पादन करने वाले चीन की फार्मा इंडस्ट्री की हालत सबसे ज्यादा ख़राब है. कोरोना वायरस ने आपूर्ति श्रृंखला को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे दवाओं का उत्पादन रुक गया है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार आपूर्ति में कमी के कारण सबसे अधिक इस्तेमाल किए जाने वाले एनाल्जेसिक पेरासिटामोल की कीमतें भारत में 40% तक उछल गई हैं.

रिपोर्ट के अनुसार भारत में विभिन्न प्रकार के बैक्टीरियल संक्रमणों के इलाज के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले एंटीबायोटिक, एज़िथ्रोमाइसिन की कीमत में 70% की वृद्धि हुई है. रिपोर्ट के अनुसार फार्मा कंपनी कैडिला के चेयरमैन पंकज आर पटेल का कहना है कि अगर अगले महीने के पहले हफ्ते तक सप्लाई बहाल नहीं होती है. फार्मा इंडस्ट्री को अप्रैल से शुरू होने वाले ड्रग फॉर्म्युलेशन में कमी का सामना करना पड़ सकता है.

कोरोनवायरस ने अब तक तकरीबन 1800 लोगों की जान ले ली है. इस कारण चीन को व्यापक मंदी की आशंकाओं का सामना करना पड़ा है. कई कारखानों को बंद करने के बाद वैश्विक आपूर्ति लाइनों को बाधित कर दिया गया है और लोगों को देश से बाहर जाने से रोक दिया गया है.

इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज महिन्द्रू का कहना है कि चीन में शटडाउन के कारण मोबाइल फोन के कुछ भारतीय निर्माताओं को उत्पादन में व्यवधान का सामना करना पड़ रहा है. भारत ने मार्च 2018 में 55 बिलियन का इलेक्ट्रॉनिक सामान आयात किया. एक सरकारी रिपोर्ट के अनुसार सेलुलर मोबाइल हैंडसेट का उत्पादन उस अवधि में 225 मिलियन यूनिट तक पहुंच गया, जबकि 2015 में 60 मिलियन यूनिट था.

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