Sunday, September 26, 2021
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मल्टीसेंट्रिक ग्लोबल स्टडी के लिए चुने गए 7 सेंटर्स में PGI चंडीगढ़ भी एक

बच्चों के कैंसर पर कोविड के प्रभाव पर पहली मल्टीसेंट्रिक ग्लोबल स्टडी के लिए चुने गए 7 सेंटर्स में PGI चंडीगढ़ भी एक है। पिछले साल मार्च से लेकर इस साल दिसंबर तक, ऐसे बच्चों पर कोविड का कोई असर तो नहीं हुआ है,इसे समझने के लिए PGI में भर्ती शुरू हुई है। ये स्टडी अगले साल के मध्य तक जारी रहेगी।

कोविड पैंडेमिक के दौरान पेडिएट्रिक कैंसर मैनेजमेंट में वेरिएशन और भारत के साथ-साथ विश्व स्तर पर बचपन के कैंसर के परिणामों पर प्रभाव देखने के लिए बच्चों के नॉन-कम्युनिकेबल डिसीजेस(ग्लोबल चिल्ड्रन NCD) पर ग्लोबल हेल्थ रिसर्च ग्रुप यह पहली इंटरनेशनल स्टडी कर रहा है।

PGI के डिपार्टमेंट ऑफ पेडिएट्रिक सर्जरी से एक इंवेस्टिगेर डॉ. नितिन जेम्स पीटर ने कहा कि पैंडेमिक के दौरान नॉन-कोविड ट्रीटमेंट्स को नजरअंदाज किया गया। कैंसर से पीड़ित बच्चे एक छोटा और कमजोर समूह है जो काफी हद तक प्रभावित हुआ है। इसलिए हमने इस अंतरराष्ट्रीय परीक्षण में भाग लेने के बारे में सोचा, जहां हम समझेंगे कि कम और मध्य आय वाले देश कैसे प्रभावित हुए हैं।

डॉ. नितिन ने कहा कि इस स्टडी में हम ये देखेंगे कि इस अवधि के दौरान क्या बच्चे कंसल्टेशन,सर्जरी और ट्रीटमेंट से चूक गए? उन्होंने बताया कि दूसरे कैंसर के विपरीत पेडिएट्रिक कैंसर्स का इलाज उपचारात्मक उद्देश्य के लिए किया जाता है क्योंकि हमें भविष्य के प्रभाव के लिए अगले 60 वर्षों और उससे अधिक पर ध्यान देना होगा।

PGI से लगभग 250 बच्चे ऐसे होंगे जो ऑब्जर्वेशनल स्टडी में भर्ती के लिए पात्र पाए जा सकते हैं। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में सर्जिकल साइंसेस विभाग इस स्टडी का प्राइमरी होस्ट इंस्टीट्यूट है। स्टडी का प्राथमिक उद्देश्य पहले बड़े पैमाने पर भौगोलिक दृष्टि से व्यापक, मल्टीसेंटर, इंटरनेशनल ग्रुप की कोविड महामारी के दौरान दुनियाभर में लोअर मिडल और उच्च आय वाले देशों में पेडिएट्रिक कैंसर मैनेजमेंट में वेरिएशन को देखना है।

वहीं अन्य उद्देश्यों में कोविड महामारी के दौरान बच्चों के कैंसर मरीजों के लघु और मध्य अवधि के परिणामों का निर्धारण करना और ग्लोबल लेवल पर बच्चों के नॉन-क्मुनिकेबल डीसीजेस में आगे रिसर्च करने के लिए व्यक्तियों को एंपावर करने के लिए ग्लोबल रिसर्च कैपेसिटी का निर्माण करना है।12 महीने के फाॅलोअप पीरियड के साथ मरीजों को स्टडी के लिए नियमित भर्ती किया जाएगा।

दूसरे सेंटर्स में ये शामिल

इस स्टडी के लिए चुने गए दूसरे सेंटर्स में AIIMS ऋषिकेश, CMC लुधियाना, DMC लुधियाना, AIIMS भुवनेश्वर, IGIMS पटना और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ शामिल हैं।

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