स्वतंत्रता सेनानी मंगल पांडे की जयंती पर PM मोदी ने अर्पित की श्रद्धांजलि

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मंगलवार को महान स्वतंत्रता सेनानी मंगल पांडे को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उन्होंने बेहद महत्वपूर्ण समय में देशभक्ति की लौ प्रज्वलित की और अनगिनत लोगों को प्रेरित किया. मंगल पांडे ने 1857 में के अधिकारियों के खिलाफ बगावत कर दिया था जिसके बाद देश में विभिन्न स्थानों पर आजादी के लिए आवाजें उठने लगी थीं. ऐसा माना जाता है कि यह भारत का पहला स्वतंत्रता संग्राम था.

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा कि महान मंगल पांडे साहस और दृढ़ता के पर्याय हैं. उन्होंने इतिहास के बेहद महत्वपूर्ण समय में देशभक्ति की लौ प्रज्वलित की और अनगिनत लोगों को प्रेरित किया. उनकी जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी. प्रधानमंत्री ने मेरठ में इस साल की शुरुआत में उनकी प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की थी.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर एक तस्वीर भी साझा की. तस्वीर में वह पांडे की एक प्रतिमा को नमन करते नजर आ रहे है. मंगल पांडे का जन्म आज ही के दिन 1827 में उत्तर प्रदेश में बलिया के नगवां गांव में हुआ था. गरीब ब्राह्मण परिवार में जन्मे मंगल पांडे ने भले ही मजबूरी में अंग्रेजों की नौकरी की, लेकिन वो शुरू से ही अंग्रेजी हुकुमत के खिलाफ थे. उन्हें 1857 में ब्रिटेश शासन ने उन्हें फांसी दे दी थी.

इतिहासकार बताते हैं कि उन दिनों अंग्रेजों की सेना में भी भेदभाव होता था. पांडे की ड्यूटी बैरकपुर छावनी में थी. छावनी के एक सफाई कर्मी ने मंगल पांडे से पानी पीने के लिए लोटा मांगा तो उन्होंने मनाकर दिया. सफाईकर्मी ने कहा कि अगर आपका धर्म लोटा देने से भ्रष्ट हो रहा है तो क्या अंग्रजों द्वारा चलाने के लिए दिए जाने वाले कारतूस से आपका धर्म बच जाएगा. मंगल पांडे ने उससे साफ-साफ कहने को कहा तो उसने कहा कि जो कारतूस अंग्रेजों द्वारा दिए जाते हैं वो गाय और सुअर की चर्बी से बने होते हैं. इस जानकारी से वो बहुत आहत हुए और उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद कर दिया.

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