Tuesday, September 28, 2021
Homeउत्तर-प्रदेशPM नरेंद्र मोदी आज करेंगे उज्ज्वला योजना 2.0 का वर्चुअल शुभारंभ

PM नरेंद्र मोदी आज करेंगे उज्ज्वला योजना 2.0 का वर्चुअल शुभारंभ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उत्तर प्रदेश के महोबा में गरीबी रेखा से नीचे वाले परिवारों के लिए उज्ज्वला योजना 2.0 का वर्चुअल शुभारंभ करने जा रहे हैं। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के दायरे में अब एक करोड़ अतिरिक्त लाभार्थियों को लाने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम के शुभारंभ को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महोबा आ रहे हैं। उनके साथ पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी भी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। सीएम योगी महोबा पहुंच गए हैं।

बुंदेलखंड संवर रहा है, एक्सप्रेस-वे का कार्य 70% पूरा हो गया है- योगी

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उज्ज्वला योजाना के द्वितीय चरण के लिए यूपी को चुना है, इसके लिए उन्हें धन्यवाद। छह साल पहले बलिया से पहले चरण की प्रधानमंत्री ने शुरुआत की थी। अकेले यूपी में 1.5 करोड़ लोगों को उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन मिला। कोरोना के दौर में उज्ज्वला कनेक्शन धारकों को फ्री में गैस सिलेंडर दिया गया। आज यूपी में तीन करोड़ रसोई गैस के कनेक्शन हैं।

2014 से पहले रसोई गैस के कनेक्शन मिलना बहुत मुश्किल था। लेकिन प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता से आज लोग अपनी जीवन को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश ने नारी गरिमा के लिए कई कदम उठाए हैं। 2 करोड़ से ज्यादा परिवारों के लिए इज्जत घर का निर्माण कराया गया है। सामूहिक विवाह योजना के द्वारा गरीबों की शादी की गई। कन्या सुमंगल योजना शुरू की गई है। इससे 7 लाख से ज्यादा कन्नाएं अब तक लाभांवित हो चुकी हैं। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का 70% कार्य पूरा हो चुका है।

डिफेंस कोरिडोर में दो महत्वपूर्ण स्थल, एक चित्रकूट और झांसी हैं। दोनों जगहों पर लैंड बैंक बना लिया गया है। कानपुर, लखनऊ और आगरा में भी इस प्रक्रिया को पूरा किया जा रहा है। जल जीवन मिशन से बुंदेलखंड संवर रहा है।

उज्ज्वला 2.0 समय से पहले पूरा करेंगे- हरदीप पुरी

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने कहा- उज्ज्वला से महिलाओं की जिंदगी में उज्ज्वला आई है। 8 करोड़ परिवारों को एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने का लक्ष्य हमने समय से 7 महीने पहले पूरा कर लिया है। उज्ज्वला 2.0 समय से पहले पूरा करेंगे।

बता दें, 2017 यूपी विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 मई 2016 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ की शुरुआत की थी। विधानसभा चुनाव-2017 में गेमचेंजर मानी गई प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के दूसरे चरण का आगाज भी आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर यूपी से ही होने जा रहा है।

सरकार के लिए गेम चेंजर साबित हुई उज्जवला योजना

प्रधानमंत्री मोदी ने विधानसभा चुनाव-2017 से पहले उज्ज्वला-1 की शुरुआत पूर्वांचल के बलिया से की थी। उज्ज्वला 1.0 के दौरान बीपीएल परिवारों की 5 करोड़ महिला सदस्यों को LPG (लिक्विड पेट्रोलियम गैस) कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया था। बाद में अप्रैल 2018 में इस योजना का विस्तार कर 7 और श्रेणियों की लाभार्थियों को शामिल किया गया। लक्ष्य को 8 करोड़ एलपीजी कनेक्शन कर दिया गया। दावा किया गया कि इसका फायदा पार्टी को 2017 में हुए यूपी विधानसभा चुनाव के साथ ही 2019 के लोकसभा चुनाव में भी मिला।

2017 में मिली बड़ी जीत में उज्ज्वला योजना की भूमिका

2017 के यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान पीएम यूपी में जहां कहीं भी चुनाव प्रचार में गए, वहां उन्होंने उज्ज्वला योजना का न सिर्फ बखान किया, बल्कि उसके पूरे यूपी में जारी रखने का भी भरोसा दिया। पीएम मोदी के इस दावे का असर यूपी के चुनाव परिणाम पर साफ देखने को मिला। केवल पूर्वांचल की ही बात करें तो यहा भी उज्ज्वला का असर सीटों पर दिखाई दिया।

पूर्वांचल की 156 विधानसभा सीटों का गणित

पूर्वांचल में कुल 26 जिले हैं और यहां विधानसभा की 156 सीटें हैं। अगर 2017 के विधानसभा चुनाव के नतीजों पर नजर डालें तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 106 सीटों पर कब्जा किया था। सहयोगी दलों को मिला लिया जाए तो यह आंकड़ा 128 सीटें भाजपा ने जीतीं। वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) को 18, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को 12, अपना दल को 8, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP)को 4, कांग्रेस को 4 और निषाद पार्टी को 1 सीट पर जीत मिली थी, जबकि 3 निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी।

लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा के पक्ष में रहा पूर्वांचल

पूर्वांचल के 26 जिलों में लोकसभा की 29 सीटें हैं और 2019 के लोक सभा चुनाव पर नजर डालें तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 22 सीटों पर कब्जा किया था। चुनाव में समाजवादी पार्टी और बसपा गठबंधन को 6 सीटों पर जीत मिली थी, जबकि कांग्रेस के खाते में सिर्फ एक सीट आई थी।

बुंदेलखंड की इतिहास को दोहराना चाहती है भाजपा, घर में पैठ बनाने की कोशिश

कभी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का गढ़ रहा बुंदेलखंड अब पूरी तरह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की झोली में समा गया है। बुंदेलखंड यूपी के 7 और मध्य प्रदेश के 6 जिलों को मिलाकर बनता है। बुंदेलखंड में विधानसभा की 19 सीटें आती हैं, 2017 के विधानसभा चुनाव में सभी 19 पर भाजपा उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। यह एक इतिहास बना और भाजपा दोबारा इस इतिहास को दोहराना चाहती है। भाजपा यह जानती है कि अब बुंदेलखंड को पूरी तरह से जीतना आसान नहीं है। इसीलिए उज्ज्वला योजना के जरिए हर घर में पैठ बनाने की कोशिश की जा रही है।

यूपी में कामयाबी का फॉर्मूला ‘उज्ज्वला योजना’

2017 के यूपी विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनावों को नतीजों ने उज्जवला योजना को जीत का फॉर्मूला बना दिया है। लिहाजा अब उसी रणनीति के तहत विधानसभा चुनाव-2022 के पहले उज्ज्वला-2 की शुरुआत के लिए यूपी को चुनाव गया है। इस चुनाव में भी भाजपा का फोकस महिला वोट बैंक पर है। मोदी-योगी सरकार की महिलाओं से जुड़ी योजनाओं के लाभार्थियों से पहले से ही संपर्क किया जा रहा है।

कौन हैं लाभार्थी?

इस योजना के अंतर्गत उन महिलाओं को मुफ्त गैस सिलेंडर कनेक्शन प्रदान किया जाता है। जिनकी उम्र 18 साल से ज्यादा है और जिनके पास बैंक खाता और BPL कार्ड है। यह योजना पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अंतर्गत चलाई जाती है। इसके अलावा बीपीएल परिवारों को एक एलपीजी कनेक्शन के लिए 1,600 रुपए की वित्तीय सहायता भी सरकार उपलब्ध कराती है। इस 1,600 रुपए प्रति कनेक्शन की कीमत में सिलेंडर, प्रेशर रेगुलेटर, बुकलेट, सेफ्टी हाउस शामिल होता है। इसे सरकार वहन करती है।

उज्जवला योजना का लक्ष्य

महिलाओं को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण में भोजन पकाने की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इसे शुरू किया गया था। ‘स्वच्छ ईंधन, बेहतर जीवन’ टैगलाइन के साथ इस योजना के अंतर्गत गरीब परिवार की महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन देने की शुरुआत की गई थी। प्रारंभिक चरण में इस योजना का लक्ष्य 5 करोड़ कनेक्शन उपलब्ध कराना था। यह लक्ष्य निर्धारित समय से पहले ही 2018 में पूरा कर लिया गया था। 2020 तक 7.4 करोड़ कनेक्शन दिए जा चुके थे और 8 करोड़ कनेक्शन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। योजना के दूसरे चरण में एक करोड़ कनेक्शन का लक्ष्य है। इसमें ऐसे निम्न आय वर्ग के परिवारों को लाभ दिया जाएगा, जो पहले चरण में छूट गए हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments