Monday, September 27, 2021
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पीएम केयर फंड से 14 जिला अस्पतालों में लगाए जाएंगे नए ऑक्सीजन प्लांट, रायपुर में पीएसए

कोरोना संक्रमण के कारण मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच ऑक्सीजन की उपलब्धता काे लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। भले ही छत्तीसगढ़ में आक्सीजन का पर्याप्त उत्पादन हो रहा हो फिर भी केन्द्र सरकार ने पीएम केयर फंड से प्रदेश के 14 जिला अस्पतालों में आक्सीजन प्लांट लगाने की मंजूरी दी है।

कुछ की क्षमता बढ़ेगी अभी 17 अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट।

जिन जिलों में प्लांट लगाए जाएंगे, उनमें बस्तर, बीजापुर, बिलासपुर, दंतेवाड़ा, धमतरी, दुर्ग, जशपुर, कांकेर, कोरबा, कोरिया, महासमुंद, रायगढ़, रायपुर और राजनांदगांव शामिल हैं। इनमें से रायपुर समेत कई जिलों के अस्पतालों में अभी प्लांट लगे हैं। अब यहां पीएसए (प्रेशर स्विंग ऐड्सॉर्प्शन) चिकित्सा ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र लगाए जाएंगे या क्षमता बढ़ाई जाएगी।

पीएम केयर में स्थापित किए जाने वाले प्लांट से अधिकांश जिला अस्पतालों में आक्सीजन की क्षमता में वृद्धि होगी। कुछ जिला अस्पताल पहली बार अपने प्लांट से खुद ऑक्सीजन बना लेंगे। दरअसल सरकारी अस्पतालों में पीएसए ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य प्रणाली को और मजबूत करना है।

अपने स्तर पर ऑक्सीजन उत्पादन सुविधा से इन अस्पतालों और जिले की रोज की मेडिकल ऑक्सीजन की जरूरतें पूरी हो सकेंगी। इसके अलावा, तरल चिकित्सा ऑक्सीजन (एलएमओ) कैप्टिव ऑक्सीजन उत्पादन के ‘टॉप अप’ के रूप में काम करेगा। ताकि अस्पतालों को ऑक्सीजन सप्लाई में बाधा न आए तथा जरूरतमंद मरीजों को आक्सीजन आसानी से उपलब्ध हो सके।

ऑक्सीजन का गणित

प्रदेश में वर्तमान में कुल रोजाना 388 टन आक्सीजन का उत्पादन होता है जबकि वर्तमान में कोरोना संक्रमित मरीजों के ईलाज के कारण प्रदेश के अस्पतालों में कुल 210 टन आक्सीजन की खपत हाे रही है। आधिक्य में आक्सीजन होने के कारण प्रदेश में 11 अप्रैल से 24 अप्रैल तक छत्तीसगढ़ से 2706.95 मेट्रिक टन आक्सीजन की अन्य राज्यों को सप्लाई की गई है। इस दौरान कर्नाटक को 16.82 टन, आंध्रप्रदेश को 176.69 टन, मध्यप्रदेश को 801.22टन, गुजरात को 120.42 टन, तेलंगाना को 578 टन,और महाराष्ट्र को 1013.8 टन मेडिकल आक्सीजन की आपूर्ति की गई है।

अभी इन अस्पतालों में चल रहा प्लांट

प्रदेश के अंबेडकर अस्पताल, आयुर्वेदिक कालेज रायपुर, जिला अस्पताल दुर्ग, मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव, जिला अस्पताल बिलासपुर, सिम्स मेडिकल कालेज बिलासपुर, मेडिकल कालेज अस्पताल रायगढ़, मेडिकल कालेज अंबिकापुर, मेडिकल कॉलेज अस्पताल सूरजपुर, न्यू ट्रामा बिल्डिंग जांजगीर, जिला अस्पताल धमतरी, जिला अस्पताल कोरबा, जिला अस्पताल कवर्धा, जिला अस्पताल महासमुंद, जिला अस्पताल बालोद, जिला अस्पताल जगदलपुर और जिला अस्पताल बेमेतरा में आक्सीजन प्लांट निर्बाध रूप से चल रहे हैं।

इन जिलों में अभी देरी | जिला अस्पताल कॉलीबाड़ी रायपुर, जिला अस्पताल कोंडागांव, जिला अस्पताल बलौदाबाजार, मुंगेली, जिला अस्पताल कांकेर, जिला अस्पताल जशपुर आैर जिला अस्पताल नारायणपुर में ऑक्सीजन प्लांट या लगने वाले हैं या फिर लगाने की प्रक्रिया चल रही है।

ऑक्सीजन उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी : हाईकोर्ट

बिलासपुर| हाईकोर्ट ने सोमवार को राज्य शासन के लिए कई आदेश दिए। कोर्ट ने कहा कि ऑक्सीजन उपलब्ध कराना राज्य की जिम्मेदारी है। इसकी कमी से किसी की मौत न हो इस ओर विशेष ध्यान दें। अधिकारियों की बैठक कर अनुपलब्धता पर चर्चा कर कमी दूर करें। साथ ही आरटीपीसीआर, एंटीजन व दूसरे जांच की रिपोर्ट मरीज को मोबाइल मैसेज के माध्यम से 24 घंटे के भितर उपलब्ध कराएं। शेष|पेज 4

जिससे वह इलाज ले सके। क्योंकि वेबसाइट धीमी चल रही है। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस पीआर रामचंद्र मेनन और जस्टिस पीपी साहू की युगलपीठ में हुई। जनहित याचिका क्रमांक 27/2020 में लगी जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष विजय केशरवानी की हस्तक्षेप याचिका पर सोमवार को हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया।

कोर्ट ने ऑक्सीजन वितरण और बेचने के दर, एंटीजन, आरटीपीसीआर व दूसरे जांच की दर निर्धारित करने का आदेश दिया। याचिकाकर्ता की मुख्य मांग रेलवे के 111 कोच में बने चिकित्सकीय सुविधाजनक 400 बेड की मांग पर कोर्ट ने साफ किया कि राज्य और रेलवे की बैठक हो गयी है। राज्य को इसकी फिलहाल जरुरत नहीं, जब आवश्यकता होगी तब राज्य के नोडल अधिकारी रेलवे को अपने प्रतिवेदन देंगे और रेलवे चिकित्सा सुविधा के साथ बेड की व्यवस्था देगी।

कोरोना से संबंधित दवाई, किट ऑक्सीजन व दूसरी जरूरी सामग्री केंद्र सरकार मुहैया कराएगी। पक्षकारों की तरफ से महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा, एएसजी रमाकांत मिश्रा, न्यायमित्र प्रफुल्ल एन भारत, संदीप दुबे, सुदीप श्रीवास्तव, अभिषेक सिन्हा, पलाश तिवारी, गौतम खेत्रपाल, आशीष श्रीवास्तव ने पक्ष रखा।

कलेक्टर महामारी रोकने निर्णय लें

कलेक्टर को महामारी अधिनियम के तहत पूरी शक्ति मिली हुई है। वे महामारी रोकने के लिए महामारी अधिनियम 2005 व 2020 के तहत निर्णय लें। जेल में बंद कैदियों को छोड़ने के लिए स्थानीय विचारण न्यायालय में आवेदन दिया जा सकता है‌।

केंद्रीय व्यवस्था बनाए राज्य, सीएमएचओ को आपस में जोड़े

राज्य सरकार केंद्रीय व्यवस्था बनाए जिससे हर जिले के सीएमएचओ आपस में जुड़े। वे मरीज से लगातार संपर्क में रहे और किस जिले में कितने बेड उपलब्ध हैं उनकी जानकारी में हो। जिससे वे मरीज को जरुरत होने पर बेड उपलब्ध कराने और वहां भेजने की व्यवस्था करें।

उद्योगपतियों से सामंजस्य बनाएं

राज्य सरकार उद्योगपतियों से सामंजस्य बनाए जिससे ऑक्सीजन और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में मदद मिले। राज्य सरकार सभी विषयों पर दो सप्ताह में अपना स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करे।

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