Thursday, September 23, 2021
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पंजाब : पुलिस ने एके-47 से कार पर चलाई गोली, 1 मरा, 1 घायल, तर्क-हड़बड़ी में चली गोली

मोगा. मोगा में तरनतारन के दो युवकों पर हुई फायरिंग में एक की मौत हो गई, जबकि दूसरा जख्मी है। गुरुवार रात हुई इस घटना ने शुक्रवार को मामले में नया मोड़ ले लिया। घायल के बयान पर मैहना पुलिस ने अज्ञात लोगों पर हत्या के प्रयास व असलहा एक्ट के तहत केस दर्ज किया है, लेकिन एसटीएफ मोहाली की टीम के बयान पर दोनों युवकों पर पुलिस की ड्यूटी में दखल देने व मारने के प्रयास के तहत भी केस दर्ज हुआ है। वहीं पता चला है कि गोली लगने से जिस युवक की मौत हुई उस पर एक एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज था, घायल पर एनडीपीएस, लूटपाट व हत्या के प्रयास के कई केस दर्ज हैं।

एसटीएफ ने मैहना पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि गुरुवार को एसटीएफ मोहाली की टीम मोगा में नशा तस्करों की तलाश में आई हुई थी। टीम ने शाम 4 बजे के बाद मोगा के लुधियाना रोड पर बुघीपुरा चौक के पास नाकाबंदी कर रखी थी और गाड़ियों की जांच की जा रही थी। शाम 6.30 बजे सूचना मिली की तरनतारन से दो नशा तस्कर मोगा में नशा सप्लाई करने आए हैं। दोनों मोगा से जगराओं जाएंगे। यदि नाकाबंदी की जाए तो उनको काबू किया जा सकता है। इसके चलते एसटीएफ की टीम ने बैरियर लगाकर नाकाबंदी कर ली।

सूचना के अनुसार स्विफ्ट कार नाके के नजदीक आई तो नाका लगा देख कर स्विफ्ट कार सवारों ने पुलिस पार्टी पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की। इस दौरान एक पुलिस का जवान बाल-बाल बच गया। उसने बैरियर को आगे कर दिया। तभी कार चालक ने अचानक गाड़ी पीछे घुमाकर भगाने लगा। इस दौरान नाके के पीछे एके-47 लिए जवान खड़ा था। गाड़ी तेज गति से उसकी ओर बढ़ी तो हड़बड़ाहट में उस जवान की भरी की हुई एके-47 से गोलियां चल गईं, जिसकी गोलियां स्विफ्ट कार में जा लगीं। पुलिस पार्टी ने उनका पीछा किया परंतु वह हाथ नहीं आए। गोली लगने से सवार जख्मी हो गए। जख्मी हालत में ही कार सवार सिविल अस्पताल कोटइसेखां चले गए। जहां एक नौजवान जोबनप्रीत सिंह को डाॅक्टरों ने मृतक करार दिया और गुरचेत सिंह की हालत गंभीर होने के कारण उसे डीएमसी लुधियाना के लिए रेफर कर दिया गया। इस संबंधी थाना मैहना में स्विफ्ट कार सवार नशा तस्करों खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
इसी स्विफ्ट कार से आए थे जोबनप्रीत सिंह और गुरचेत सिंह, पुलिस के अनुसार दोनों पर तस्करी का पर्चा है।

अधिकारी कुछ भी बोल नहीं रहे
बेशक जोबनप्रीत सिंह की मौत एसटीएफ के जवान की अचानक चली एके 47 की गोलियों से हुई है, परंतु इस मामले में नौजवान के पोस्टमार्टम के समय पुलिस के उच्चाधिकारियों ने कुछ भी बताने से इन्कार कर दिया और चुप्पी बनाए रखी। जिससे साबित होता था कि यह मामला बड़ी जांच की मांग करता है, क्योंकि लोग घटना को लेकर अलग-अलग तरह का अनुमान लगा रहे हैं।

एसटीएफ और मोगा पुलिस का सर्च अभियान जारी
शुक्रवार को भी एसटीएफ मोहाली पुलिस के अधिकारी भी मोगा में ही उपस्थित थे और देर शाम तक शहर के बुघीपुरा चौक से लेकर कोटइसेखां तक मोगा पुलिस को साथ लेकर किसी सर्च अभियान में लगे रहे। इस संबंधी भी जब पुलिस अधिकारियों के साथ बातचीत करनी चाही तो उन्होंने कुछ भी बताने से इन्कार दिया। भरोसेयोग्य सूत्रों ने बताया कि उक्त कार सवारों की तरफ से किसी नशे की खेप को रास्तेे में फेंका गया होगा, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है और वह मोगा में उनके तारों को जोड़ कर देख रही है।

पिता-जोबनप्रीत छोटा था बिना बताए घर से निकला
स्थानीय सिविल अस्पताल में जोबनप्रीत के पोस्टमार्टम के समय पहुंचे पिता सृजन सिंह ने बताया कि उसके बेटे के खिलाफ नशीली दवाइयों का एक केस दर्ज है। वह लकड़ी मिस्त्री का काम सीख रहा था। वीरवार को वह गुरचेत सिंह के साथ कहां चला है, उसने कुछ नहीं बताया। उसने बताया कि गुरचेत कि खिलाफ कई केस दर्ज हैं। वह किसी मुस्लिम स्थान पर माथा टेकने जाता था और उसके बेटे को साथ ले जाता था। इस बार वह मोगा कहां आए थे उसने कुछ नहीं बताया। जोबनप्रीत की एक बहन की गत वर्ष मौत हो चुकी है और वह दो भाइयों में छोटा था।

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