Friday, September 17, 2021
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हैकर्स विपुल की रिमांड के लिए कोर्ट जाएगी पुलिस

चुनाव आयोग (ECI) की वेबसाइट हैक करके फर्जी वोटर ID कार्ड बनाने के मामले की जांच अब एसटीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मिलकर करेंगी। एजेंसियों ने सहारनपुर की साइबर सेल से पूरे मामले की जानकारी और रिकॉर्ड मंगवाया है। पुलिस अब पकड़े गए आरोपी विपुल सैनी की रिमांड के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र देगी। रिमांड मिलने के बाद आरोपी से पूछताछ की जाएगी।शुक्रवार को दिल्ली से आरोपी के दूसरे साथी अरमान मलिक को भी गिरफ्तार करने की सूचना है। हालांकि कोई भी अधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं कर रहा है। वहीं, इलेक्शन कमीशन का कहना है कि वेबसाइट हैक नहीं हुई है। कर्मचारी ने यूजर आईडी-पासवर्ड किसी को दिया था।

इलेक्शन कमीशन का कहना है कि वेबसाइट हैक नहीं हुई है।
इलेक्शन कमीशन का कहना है कि वेबसाइट हैक नहीं हुई है।

आतंकी संगठनों की दिशा में होगी जांच

सूत्रों के अनुसार, दिल्ली से गिरफ्तार अरमान मलिक से पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस उससे ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसका मकसद कहीं आतंकी गतिविधियों में फर्जी वोटर आईडी कार्ड का इस्तेमाल करना तो नहीं था। पुलिस ये भी पता करने में जुटी है कि कहीं ऐसा तो नहीं कि वह फर्जी वोटर आईडी कार्ड बनाकर बांग्लादेशियों की घुसपैठ में मदद करता था। सभी एंगल से मामले की जांच चल रही है। सूत्रों के अनुसार सहारनपुर से पुलिस की एक टीम दिल्ली के लिए रवाना हो चुकी है।

विपुल को 11 अगस्त को सहारनपुर में उसके घर से गिरफ्तार किया गया था। जबकि अरमान को दिल्ली से शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था। वह मध्य प्रदेश का रहने वाला है। शुक्रवार को पुलिस अरमान मलिक को सहारनपुर लाकर पूछताछ कर सकती है।

विपुल से पूछताछ में चार नाम आए सामने

सूत्रों के अनुसार, पुलिस द्वारा पूछताछ में अरमान मलिक सहित चार नाम सामने आए है। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अलग-अलग राज्यों में दबिश दे रही है। तीन आरोपियों के पुलिस को जो नाम मिले हैं, वह मध्य प्रदेश और राजस्थान के सहयोगी बताए जा रहे हैं। दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश के लिए पुलिस टीम दबिश देने के लिए पहुंच चुकी है।

चुनाव लड़ने और ब्रांडेड कार लेने की तैयारी में था विपुल

आरोपी विपुल के पिता रामकुमार भले ही अपने बेटे को बेगुनाह होने का दावा कर रहे हैं। लेकिन गांव में चर्चा यह भी है कि वह राजनीति में कदम रखना चाहता था। यहीं नहीं ब्रांडेड कार जल्द लेने का दावा भी कर रहा था। लेकिन इससे पहले ही वह भारत निर्वाचन चुनाव आयोग की नजरों में चढ़ गया और उसके सभी मंसूबों पर पानी फिर गया।
एसएसपी डॉ. एस चनप्पा राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला होने की वजह से कुछ भी कहने से कतरा रहे हैं। हां, उन्होंने यह जरूर कहा कि आरोपियों को किसी भी प्रकार से बख्शा नहीं जाएगा और विपुल की रिमांड लेकर पूछताछ की जाएगी।

सहारनपुर के डीएम ने जांच के लिए चुनाव आयोग को लिखा पत्र

विपुल सैनी ने हजारों फर्जी वोटर आईडी बनाए थे। सहारनपुर डीएम अखिलेश सिंह ने विपुल के खिलाफ जांच के लिए आयोग को पत्र लिखा है। वहीं चुनाव आयोग ने गृह विभाग को पत्र भेजकर पूरे मामले से अवगत कराया है।

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