Wednesday, September 22, 2021
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महाराष्ट्र में फिर तैयार हुई टकराव की सियासी जमीन

महाराष्ट्र में मुंबई मनपा सहित करीब 10 महानगरपालिकाओं के होने वाले चुनाव से पहले सियासी टकराव की जमीन तैयार होनी शुरू हो गई है। ताजा विवाद केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के 19 अगस्त को “जन आशीर्वाद यात्रा” के दौरान दादर, शिवाजी पार्क स्थित शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे के स्मृति स्थल जाने की तैयार से शुरू हुआ है। शिवसेना सांसद विनायक राऊत ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि राणे जैसे विश्वासघाती व्यक्ति को बालासाहेब के स्मृति स्थल जाने का नैतिक अधिकार नहीं है।

560 किमी की “जन आशीर्वाद यात्रा” करेंगे राणे

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को टक्कर देने के लिए भाजपा के चाणक्य ने नारायण राणे को केंद्र सरकार में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय का मंत्री बनाया है। चूंकि भाजपा हर हाल में फरवरी 2022 में होने वाले मुंबई मनपा चुनाव में देश की सबसे धनी मनपा पर कब्जा करना चाहती है। लिहाजा मुंबई मनपा फतह करने के काम में कोंकण विशेषकर सिंधुदुर्ग जिले में पकड़ रखने वाले नारायण राणे को भी अन्य मंत्रियों की तरह सूबे में “जन आशीर्वाद यात्रा” पर निकलने का फरमान सुनाया है। इसके तहत 19 अगस्त से राणे सात दिनों में मुंबई सहित पूरे कोंकण के जिलों से गुजरते हुए करीब 560 किमी की यात्रा करने वाले हैं।

राणे 19 अगस्त को “जन आशीर्वाद यात्रा” के दौरान शिवाजी पार्क स्थित स्व. बाल ठाकरे के स्मृति स्थल जाने वाले हैं। लिहाजा शिवसेना की ओर से उनका कड़ा विरोध किया जाना शुरू हो गया है। बता दें कि राणे की पूरी “जन आशीर्वाद यात्रा” शिवसेना के प्रभाव वाले क्षेत्रों से गुजरने वाली है। लिहाजा उन्हें यह यात्रा विपक्षी पार्टी शिवसेना से दो-दो हाथ करते हुए ही आगे बढ़ानी होगी। बताया जा रहा है कि शिवसैनिकों के संभावित विरोध के मद्देनजर राणे की ओर से यात्रा में 500 से अधिक गाड़ियों का काफिला रहने वाला है।

सतर्क हुई शिवसेना, राणे को स्मृति स्थल का दर्शन करने से रोकने की तैयारी!

मुंबई मनपा चुनाव के हिंसक और लहूलुहान होने के संकेत अभी से मिलने शुरू हो गए हैं। चूंकि शिवसैनिकों का स्वभाव आक्रामक है और केंद्रीय मंत्री राणे तेवर भी बेहत आक्रामक है। लिहाजा चुनावी टकराव होना स्वभाविक नजर आ रहा है। राणे के शिवाजी पार्क स्थित स्व. बाल ठाकरे के स्मृति स्थल का दर्शन करने जाने की खबर लगते ही शिवसेना सांसद विनायक राऊत ने फ्रंट पर आकर राणे को ललकारना शुरू किया है। उन्होंने कहा, “इतिहास गवाह है कि राणे जहां जहां शिवसेना के खिलाफ खड़े हुए वहां वहां शिवसेना विजयी हुई है। क्योंकि शिवसैनिकों में राणे को पराजित करने की ताकत है।”

राऊत ने कहा कि स्व. बाल ठाकरे के साथ बेईमानी करने वाला पूरे महाराष्ट्र में नारायण राणे जैसा कोई दूसरा नेता नहीं मिलेगा। लिहाजा शिवसैनिक ऐसे नेता को ठाकरे के स्मृति स्थल दर्शन करने नहीं जाने देंगे। शिवसेना सांसद ने कहा कि राणे के सामने देख कर शिवसैनिकों की ताकत बढ़ जाती है। लिहाजा उन पर मुंबई ही नहीं ठाणे सहित अन्य महानगरपालिका की भी जिम्मेदारी यदि भाजपा ने दी तो भी शिवसेना और महाविकास आघाडी गठबंधन ही चुनाव जीतेगी।

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