Thursday, September 23, 2021
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रक्तदान करते समय चली गई बिजली, मोबाइल की रोशनी में ब्लड डोनेशन

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य व्यवस्था हमेशा चर्चा में रहती है, लेकिन जशपुर शहर की स्थिति भी इससे अलग नहीं है। बुधवार शाम एक बीमार बच्ची को ब्लड की जरूरत पड़ी। मदद के लिए दो युवक जिला अस्पताल के ब्लड बैंक भी पहुंच गए। वहां रक्तदान करते समय बिजली चली गई। इसके बाद मोबाइल की फ्लश लाइट की रोशनी में प्रक्रिया पूरी कराई गई। खास बात यह रही कि जनरेटर सप्लाई से पूरे अस्पताल में लाइट थी, बस ब्लड बैंक में ही उसका कनेक्शन नहीं किया गया था।

दरअसल, जिला अस्पताल में सिकलीन बीमारी से ग्रस्त एक बच्ची भर्ती है। बुधवार को उसको अचानक ब्लड की जरूरत पड़ी। इस पर कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के महामंत्री निर्मल सिंह अपने साथी प्रदीप पाठक के साथ रक्तदान करने के लिए अस्पताल के ब्लड बैंक पहुंचे। वहां ब्लड डोनेशन की प्रक्रिया शुरू हुई। इसी बीच लाइट चली गई। इस पर जनरेटर ऑन किया गया।

पूरे अस्पताल में रोशनी हुई, पर ब्लड बैंक अंधेरे में ही रहा। इसके बाद मोबाइल की टॉर्च जलाकर उसकी रोशनी में ब्लड डोनेट कराया गया। जशपुर के कलेक्टर महादेव कावरे ने कहा- जिला अस्पताल की व्यवस्था को सुधार करने के लिए अधीक्षक को निर्देश दिया जा रहा है। जल्द ही जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार कर लिया जाएगा।

कर्मचारी बोले- जनरेटर से ब्लड बैंक का कनेक्शन नहीं

जब रक्तदान कक्ष में मौजूद कर्मचारियों से जानकारी ली गई तो बताया कि अस्पताल में बिजली जाने के बाद रक्तदान कक्ष में हमेशा अंधेरा रहता है। इसका कारण है कि जनरेटर से यहां के कमरों का कनेक्शन नहीं है। अक्सर देर शाम और रात में इसी तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उनकी भी मजबूरी है। जबकि सिर्फ एक तार के जरिए ही कमरों में कनेक्शन करना है। आए दिन इमरजेंसी में लोगों से अस्पताल में रक्तदान कराया जाता है। बीच-बीच में ब्लड डोनेशन कैंप भी लगता है।

कोई घटना हुई तो अस्पताल प्रबंधन होगा जिम्मेदार

कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के महामंत्री निर्मल सिंह ने बताया कि रक्तदान कक्ष में बिजली नहीं थी और अंधेरा था। पहले तो उन्होंने बिजली आने का इंतजार किया। काफी देर तक नहीं आई तो इमरजेंसी देखते हुए मोबाइल टॉर्च की रोशनी में रक्तदान किया। कहा कि इस लापरवाही के कारण किसी दिन कोई बड़ी घटना हो जाएगी तो उसकी जिम्मेदारी अस्पताल प्रबंधन की होगी। इस संबंध में उन्होने कलेक्टर को भी अवगत कराया है।

दो दिन पहले कलेक्टर एसपी भी कर चुके हैं रक्तदान

दो दिन पहले नेहरु युवा केंद्र की ओर से जिला अस्पताल में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया था। इस शिविर में रक्तदाताओं को जागरुक करने के लिए कलेक्टर महादेव कावरे और एसपी विजय अग्रवाल ने भी पंहुच कर रक्तदान किया। शासन प्रशासन की ओर से रक्तदान के लिए लोगों को जागरूक करने का काम तो किया जा रहा है, लेकिन उसी ब्लड बैंक का अंधेरा दूर करने का कोई इंतजाम नहीं हो रहा।

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