पंजाब : CM भगवंत मान की चंडीगढ़ जिला अदालत में हुए पेश

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान आज चंडीगढ़ के सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत में पेश हुए। सीएम भगवंत मान के खिलाफ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में चंडीगढ़ पुलिस से झड़प मामले में केस चल रहा है। पुलिस के साथ हाथापाई की यह घटना साल 2020 में पूर्व कांग्रेस सरकार के दौरान हुई थी। उस समय पंजाब की कांग्रेस सरकार ने बिजली दरों में बढ़ोतरी की थी। इसके विरोध में आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए चंडीगढ़ स्थित सीएम हाउस का घेराव करने की कोशिश की थी। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ आप नेताओं और कार्यकर्ताओं की झड़प हुई थी और इस झड़प में कई पुलिस वाले व आप कार्यकर्ता भी घायल भी हुए थे। चंडीगढ़ पुलिस ने भगवंत मान, चीमा सहित कई तत्कालीन विधायक व वर्तमान में मंत्री के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।

इस मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान जिला अदालत में 10.30 बजे तक पेश हुए। सीएम मान 10 बजे ही जिला अदालत में पहुंच गए थे। पंजाब के पूर्व एडवोकेट जनरल अनमोल रतन सिद्धू भी और पूर्व स्पेशल प्रासिक्यूटर प्रथम सेठी भी अदालत में सीएम के साथ मौजूद रहे। कोर्ट की कार्रवाई के बाद सीएम मान को मामले से जुड़ी चार्जशीट की कापी दी गई।इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ आप नेताओं और कार्यकर्ताओं की झड़प हुई थी और इस झड़प में कई पुलिस वाले व आप कार्यकर्ता भी घायल भी हुए थे। चंडीगढ़ पुलिस ने भगवंत मान, चीमा सहित कई तत्कालीन विधायक व वर्तमान में मंत्री के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।

इस मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान जिला अदालत में 10.30 बजे तक पेश हुए। सीएम मान 10 बजे ही जिला अदालत में पहुंच गए थे। पंजाब के पूर्व एडवोकेट जनरल अनमोल रतन सिद्धू भी और पूर्व स्पेशल प्रासिक्यूटर प्रथम सेठी भी अदालत में सीएम के साथ मौजूद रहे। कोर्ट की कार्रवाई के बाद सीएम मान को मामले से जुड़ी चार्जशीट की कापी दी गई। प्रदर्शन के बाद पार्टी ने बयान जारी कर दावा किया था कि विधायक अमन अरोड़ा सहित उनके करीब दो दर्जन कार्यकर्ता घायल हुए थे। उनमें से दो को चंडीगढ़ स्थित अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। आप के प्रदर्शन का नेतृत्व भगवंत मान कर रहे थे। पार्टी विधायक हरपाल सिंह चीमा, कुलतार सिंह संधवन, मंजीत सिंह बिलासपुर, बलदेव सिंह, मीत हयर, बलजिंदर कौर और अन्य नेता शामिल थे। बता दें कि पंजाब ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरों में एक जनवरी 2020 से 36 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की थी। उस समय कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री थे। आम आदमी पार्टी के विधायकों सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ चंडीगढ़ में प्रदर्शन किया था।

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