पंजाब : गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे के बाद कुलदीप बिश्नोई का बड़ा दावा

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गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेता कुलदीप बिश्नोई ने कहा है कि उनका पार्टी में स्वागत है. बिश्नोई को कांग्रेस ने पार्टी से सस्पेंड कर दिया था, जिसके बाद वह बीजेपी में शामिल हो गए थे. बिश्नोई का बयान ऐसे वक्त में आया है जब गुलाम नबी आजाद ने पार्टी हाईकमान पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्राथमिक सदस्यता समेत सभी पदों से इस्तीफा दे दिया. वहीं कांग्रेस ने उनके इस्तीफे को दुःखद बताया है.आजाद के इस्तीफे के सदंर्भ में कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि कांग्रेस, खुद ही खत्म हो रही है.  बीजेपी नेता ने कहा कि मेरी सलाह है कि राहुल गांधी अपना अहंकार खत्म कर दें. गुलाम नबी आजाद का बीजेपी में स्वागत है. अगर पार्टी मुझसे कहेगी तो मैं उन्हें बीजेपी में आने के लिए राजी कर सकता हूं.गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजे पांच पन्ने के इस्तीफे में अपनी शिकायतों का जिक्र किया. आजाद ने कहा कि वह ‘भारी मन’ से यह कदम उठा रहे हैं. उन्होंने पार्टी को ‘‘पूरी तरह से बर्बाद हो गयी’’ बताया और कहा कि कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के लिये और प्रदेश स्तर पर क्षेत्रीय दलों के लिये स्थान खाली कर दिया.आजाद ने आरोप लगाया, ‘‘ यह सब इसलिये हुआ क्योंकि बीते आठ वर्षो में नेतृत्व ने एक ऐसे व्यक्ति को पार्टी पर थोपने का प्रयास किया जो गंभीर नहीं था.’’ उन्होंने आरोप लगाया कि दरबारियों के संरक्षण में कांग्रेस को चलाया जा रहा है तथा पार्टी देश के वास्ते सही चीजों के लिये संघर्ष करने की अपनी इच्छाशक्ति और क्षमता खो चुकी है.

पार्टी में बदलाव की मांग करने वाले जी23 समूह का हिस्सा रहे आजाद ने कहा, ‘‘ इसलिये खेदपूर्वक और बेहद भारी मन से मैंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के साथ अपने करीब 50 वर्षो के संबंध को समाप्त करने का फैसला किया है. मैं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता सहित सभी पदों से त्यागपत्र देता हूं. ’’ उन्होंने पार्टी में संगठनात्मक चुनाव प्रक्रिया को ‘धोखा’ करार देते हुए कहा कि देश में कहीं भी, पार्टी में किसी भी स्तर पर चुनाव संपन्न नहीं हुए.आजाद ने सोनिया को लिखे पत्र में कहा कि 24 अकबर रोड में बैठे एआईसीसी के चुने हुए पदाधिकारियों को एआईसीसी का संचालन करने वाले छोटे समूह द्वारा तैयार की गई सूचियों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया. उन्होंने कहा कि बूथ, ब्लाक, जिला और राज्य स्तर पर कहीं भी मतदाता सूची प्रकाशित नहीं की गई. उन्होंने कहा कि पार्टी के साथ बड़े पैमाने पर धोखे के लिए नेतृत्व पूरी तरह से जिम्मेदार है. आजाद ने कहा कि क्या भारत की आजादी के 75वें वर्ष में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के लिये यह उपयुक्त है, यह सवाल एआईसीसी नेतृत्व को खुद से पूछना चाहिए. उन्होंने कहा कि पार्टी को ‘भारत जोड़ो यात्रा’ से पहले ‘कांग्रेस जोड़ो यात्रा’ निकालनी चाहिए थी.आजाद ने कहा कि दुर्भाग्य से कांग्रेस में स्थिति इस स्तर पर पहुंच गई है कि वापसी का रास्ता नहीं दिख रहा. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी की कमजोरियों पर ध्यान दिलाने के लिए पत्र लिखने वाले 23 नेताओं को अपशब्द कहे गए, उन्हें अपमानित किया गया, नीचा दिखाया गया. आजाद पार्टी के ‘जी23’ समूह के प्रमुख सदस्य रहे हैं. हाल ही में उन्होंने जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की चुनाव अभियान समिति के प्रमुख पद से इस्तीफा दे दिया था.

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